बेटियाँ फाउंडेशन के “मंथन” कार्यक्रम में छात्रों को स्वस्थ रिश्तों और भविष्य निर्माण की सीख

मेरठ के संत देवाश्रम इंटर कॉलेज में बेटियाँ फाउंडेशन द्वारा “मंथन” परियोजना के तहत हेल्दी रिलेशनशिप एंड फ्यूचर लाइफ स्किल वर्कशॉप आयोजित की गई। कार्यक्रम में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को स्वस्थ रिश्तों, संवाद कौशल, करियर योजना और समझदारीपूर्ण निर्णय लेने के बारे में जागरूक किया गया। चर्चा, समूह गतिविधियों और वॉल एक्टिविटी के माध्यम से छात्रों को जीवन कौशल की शिक्षा दी गई। विद्यालय प्रशासन ने इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए उपयोगी बताया।

कार्यक्रम में भाग लेते फाउंडेशन के सदस्य एवं अतिथिगण। फोटाः यूपी आज लाइव।

बेटियाँ फाउंडेशन के “मंथन” कार्यक्रम में छात्रों को स्वस्थ रिश्तों और भविष्य निर्माण की सीख

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ के लोहिया नगर स्थित संत देवाश्रम इंटर कॉलेज में बेटियाँ फाउंडेशन के प्रोजेक्ट “मंथन” के अंतर्गत “तेरे मेरे सपने” अभियान के तहत हेल्दी रिलेशनशिप एंड फ्यूचर लाइफ स्किल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं को स्वस्थ रिश्तों, संवाद कौशल, करियर योजना और समझदारीपूर्ण निर्णय लेने जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भावनात्मक रूप से मजबूत, जिम्मेदार और भविष्य के प्रति सजग बनाना रहा।

यह भी पढ़ेंः 60 की उम्र के बाद अपनाई ये आदतें तो लंबे समय तक रह सकते हैं स्वस्थ, जानिए बुजुर्गों के लिए जरूरी स्वास्थ्य नियम

https://upaajlive.blogspot.com/2026/05/healthy-habits-after-60.html

युवा पीढ़ी को बेहतर भविष्य के लिए किया गया प्रेरित

कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को यह समझाया गया कि जीवन में सही निर्णय और सकारात्मक सोच किस प्रकार उनके भविष्य को सुरक्षित और सफल बना सकती है। कार्यक्रम के दौरान संवाद, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी और वॉल एक्टिविटी जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सही और गलत व्यवहार की पहचान कराई गई। साथ ही पारिवारिक रिश्तों की अहमियत और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी सरल तरीके से समझाया गया।

यह भी पढ़ेंः होटल कांड: कमरों में लगे थे गुप्त कैमरे, निजी वीडियो बनाकर होती थी ब्लैकमेलिंग

https://upaajlive.blogspot.com/2026/05/kanpur-hotel-hidden-camera-racket.html

मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं के सामने मानसिक दबाव, रिश्तों में भ्रम और करियर को लेकर असमंजस जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक नहीं बल्कि भावनात्मक और सामाजिक स्तर पर भी मजबूत बनाने का काम कर रही हैं।

संवाद और सम्मान को स्वस्थ रिश्तों की नींव बताया

सेंटर नोडल अधिकारी कुसुम शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समझदारी से लिए गए फैसले ही बेहतर भविष्य की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें रिश्तों, व्यवहार और जीवन कौशल की समझ भी विकसित करनी होगी।

यह भी पढ़ेंः उत्तर प्रदेश में 85 हजार सरकारी भर्तियों की तैयारी तेज, शिक्षकों समेत कई विभागों में भरेंगे रिक्त पद

https://upaajlive.blogspot.com/2026/05/up-85000-government-jobs-2026.html

संस्था की अध्यक्ष अंजु पाण्डेय ने कहा कि समाज और परिवार के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक सोच मिले तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। वहीं काउंसलर मीनू बाना ने कहा कि स्वस्थ रिश्ते, सकारात्मक सोच और समझदारीपूर्ण निर्णय ही सुरक्षित और सफल भविष्य की पहचान हैं।

विद्यार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए। कई छात्रों ने बताया कि इस कार्यशाला से उन्हें जीवन और रिश्तों को देखने का नया दृष्टिकोण मिला है। वॉल एक्टिविटी के दौरान विद्यार्थियों ने बोर्ड पर लिखकर यह भी बताया कि वे आज सीखी गई बातों को अपने दैनिक जीवन में किस प्रकार अपनाएंगे।

यह भी पढ़ेंः रिमोट से बिजली चोरी का बड़ा खुलासा, स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने वाला गिरोह पकड़ा गया

https://upaajlive.blogspot.com/2026/05/lucknow-remote-electricity-theft.html

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम किशोरावस्था में मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शिक्षण संस्थानों में अब जीवन कौशल आधारित कार्यक्रमों की मांग लगातार बढ़ रही है।

विद्यालय प्रशासन ने की पहल की सराहना

कॉलेज डायरेक्टर श्री हेमन्त शर्मा और प्रिन्सिपल श्रीमती सुनीता शर्मा ने बेटियाँ फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की इच्छा व्यक्त की।

मेरठ में आयोजित बेटियाँ फाउंडेशन की “मंथन” कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि केवल शैक्षणिक सफलता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ रिश्ते, सही संवाद और समझदारीपूर्ण निर्णय भी जीवन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलते सामाजिक परिवेश में युवाओं को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने वाली ऐसी पहलें भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।

टिप्पणियाँ