कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा, मेरठ में व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल को पुलिस ने किया नजरबंद

मेरठ में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के विरोध में व्यापारियों द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रान्तीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल को नजरबंद कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि सरकार महंगाई के मुद्दे पर आवाज दबा रही है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों में इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

अपने मीनाक्षी पुरम आवास पर हाउस अरेस्ट हुए व्यापारी नेता लोकेश कुमार अग्रवाल। फोटोः यूपी आज लाइव।

कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा, मेरठ में व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल को पुलिस ने किया नजरबंद

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के विरोध में बुधवार को मेरठ में व्यापारियों द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर दी। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रान्तीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल को देर रात उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया गया। व्यापारियों का आरोप है कि सरकार महंगाई के मुद्दे पर जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

बताते चलें कि व्यापार मंडल ने 07 मई को सुबह 11 बजे नई मोहनपुरी स्थित कार्यालय से मेघदूत चौराहे तक मार्च निकालकर महंगाई का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने की घोषणा की थी। इससे पहले ही गंगानगर थाना पुलिस ने रात करीब दो बजे कार्रवाई करते हुए व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल को घर में ही रोक दिया।

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों से बढ़ी व्यापारियों की चिंता

व्यापारी नेता लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि लगातार बढ़ती कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों ने छोटे और मध्यम कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। होटल, ढाबा, मिठाई, रेस्टोरेंट और खाद्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों का खर्च तेजी से बढ़ रहा है जबकि ग्राहकों की खरीद क्षमता पहले से कमजोर हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई नियंत्रण में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई से यह संदेश जा रहा है कि विरोध की आवाज को दबाया जा रहा है।

देर रात पुलिस कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार पुलिस ने आधी रात के बाद व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल के घर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलने से मना किया। कई व्यापारियों ने इसे अलोकतांत्रिक बताया। संगठन का कहना है कि यदि महंगाई के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध माना जाएगा तो व्यापारी वर्ग में असंतोष और बढ़ेगा।

मेरठ के व्यापारिक क्षेत्रों सदर बाजार, आबूलेन, बेगमपुल और दिल्ली रोड से जुड़े व्यापारियों ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले ही व्यापारिक गतिविधियां धीमी चल रही हैं और ऊपर से बढ़ती लागत कारोबार को नुकसान पहुंचा रही है।

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी असर

कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का असर केवल मेरठ तक सीमित नहीं है। दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों में भी खाद्य और होटल उद्योग से जुड़े कारोबारी लगातार बढ़ती परिचालन लागत से परेशान हैं। कई छोटे व्यापारियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाने और सेवाओं के दाम बढ़ाने तक की तैयारी शुरू कर दी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि जारी रही तो इसका सीधा असर स्थानीय बाजारों की मांग और रोजगार पर भी पड़ सकता है।

व्यापारियों ने आंदोलन जारी रखने के दिए संकेत

लोकेश अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा के लिए संगठन आगे भी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों की समस्याओं को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। संगठन जल्द ही आगे की रणनीति पर विचार करेगा।

निष्कर्ष

मेरठ में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति सामने आई है। एक ओर व्यापारी बढ़ती लागत और घटते कारोबार से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक सख्ती ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक संगठनों के बीच और बड़ा रूप ले सकता है।


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