एक होटल में पुलिस ने छापा मारकर कथित देह व्यापार और ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला कि कमरों में गुप्त कैमरे लगाए गए थे जिनसे लोगों की निजी वीडियो रिकॉर्ड की जाती थीं। बाद में इन वीडियो के आधार पर धन वसूली की जाती थी। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।
होटल कांड: कमरों में लगे थे गुप्त कैमरे, निजी वीडियो बनाकर होती थी ब्लैकमेलिंग
कानपुर, एजेंसी। कानपुर के रावतपुर क्षेत्र में स्थित एक होटल में चल रहे कथित देह व्यापार और ब्लैकमेलिंग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस छापेमारी के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि होटल के कमरों से ऐसे उपकरण बरामद हुए जिनका उपयोग ग्राहकों की निजी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल के लगभग सभी कमरों में गुप्त कैमरे लगाए गए थे और बाद में वीडियो के जरिए लोगों को धमकाकर धन वसूली की जाती थी।
रावतपुर के विनायकपुर क्षेत्र में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि विनायकपुर स्थित होटल रिद्धि पैलेस में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसी सूचना के आधार पर अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापा मारा। कार्रवाई के दौरान होटल के भीतर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से महिलाओं और पुरुषों समेत कई लोगों को हिरासत में लिया तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल और कैमरे बरामद किए।
चार्जर जैसे उपकरणों में छिपे मिले गुप्त कैमरे
जांच अधिकारियों के अनुसार होटल के कमरों में ऐसे गुप्त कैमरे लगाए गए थे जो सामान्य चार्जर या छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे दिखाई देते थे। आरोप है कि होटल में आने वाले लोगों की निजी वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें बाद में ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
किराये पर लिया गया था होटल, बढ़ सकती है जांच
प्राथमिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि होटल कुछ समय पहले ही किराये पर लिया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध गतिविधि में होटल प्रबंधन की भूमिका कितनी थी और क्या यह नेटवर्क अन्य शहरों तक भी फैला हुआ है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और मोबाइल संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों में तेजी से बढ़ते निजी होटल और अल्पकालिक ठहराव केंद्रों की निगरानी अब बड़ा मुद्दा बन चुकी है। दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा से कानपुर आने वाले कारोबारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में ऐसे होटलों का उपयोग करते हैं। ऐसे में होटल बुकिंग से पहले उसकी वैधता, पहचान सत्यापन और कमरे की सुरक्षा जांचना बेहद आवश्यक हो गया है। साइबर अपराध विशेषज्ञ भी लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि गुप्त कैमरों के जरिए निजी जानकारी लीक कर ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़ रहे हैं।
होटल उद्योग पर भी उठे सवाल
इस घटना के बाद होटल उद्योग की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई बार कम किराये और त्वरित पहचान प्रक्रिया के नाम पर बिना पर्याप्त सत्यापन के कमरे उपलब्ध करा दिए जाते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार होटल कमरों में प्रवेश के बाद विद्युत बोर्ड, चार्जर, घड़ी, धुआं संकेतक और टेलीविजन के आसपास संदिग्ध उपकरणों की जांच करनी चाहिए। यह मामला केवल अवैध गतिविधियों तक सीमित नहीं बल्कि निजता और डिजिटल सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
कानपुर के होटल में सामने आया यह मामला केवल देह व्यापार के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी जीवन में दखल, डिजिटल ब्लैकमेलिंग और संगठित अपराध के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। यह घटना आम लोगों के लिए भी सावधानी का बड़ा संदेश है कि किसी भी होटल में ठहरने से पहले सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सतर्क रहना अब पहले से अधिक जरूरी हो गया है।

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