मेरठ रेलवे स्टेशन पर अवैध ई-रिक्शा संचालन के मुद्दे को लेकर रेलवे स्टेशन परामर्श समिति के सदस्य सुरेश चंद शर्मा और ई-रिक्शा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने रेलवे अधिकारियों से वार्ता की। बैठक में स्टेशन परिसर की यातायात व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा और ई-रिक्शा संचालन पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन परिसर और जीआरपी थाने का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
फोटोः यूपी आज लाइव।
मेरठ रेलवे स्टेशन पर अवैध ई-रिक्शा संचालन का मुद्दा उठा, अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत वार्ता
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ रेलवे स्टेशन परिसर में अवैध ई-रिक्शा संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़े मुद्दों को लेकर रेलवे स्टेशन पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रेलवे स्टेशन परामर्श समिति के मनोनीत सदस्य सुरेश चंद शर्मा ने ई-रिक्शा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक के साथ स्टेशन अधीक्षक और मुख्य टिकट निरीक्षक से विस्तृत वार्ता की। बैठक के दौरान स्टेशन परिसर में ई-रिक्शा संचालन व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।
मेरठ सिटी स्टेशन पर जीआरपी थाने के अधिकारियों से वार्ता करते सुरेश चंद शर्मा, विशाल कौशिक व अन्य। फोटोः यूपी आज लाइव।
बैठक के बाद रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों ने स्टेशन के बाहर और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अवैध रूप से संचालित हो रहे ई-रिक्शा संचालन से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा की।
रेलवे स्टेशन पर बढ़ रही अव्यवस्था पर चिंता
रेलवे स्टेशन परामर्श समिति के सदस्य सुरेश चंद शर्मा ने अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया कि स्टेशन परिसर और उसके आसपास अनियमित तरीके से चल रहे ई-रिक्शा यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार अव्यवस्थित संचालन के कारण यातायात प्रभावित होता है और यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में रेलवे स्टेशन के बाहर यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर से लगातार बढ़ते संपर्क और यात्रियों की संख्या में वृद्धि के कारण स्टेशन क्षेत्र में यातायात दबाव भी बढ़ा है।
ई-रिक्शा यूनियन ने रखी अपनी बात
ई-रिक्शा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विशाल कौशिक ने भी अधिकारियों के सामने ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं और उनके संचालन से जुड़े मुद्दों को रखा। उन्होंने कहा कि वैध रूप से कार्य कर रहे चालकों को स्पष्ट स्थान और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि यात्रियों और चालकों दोनों को सुविधा मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन और रेलवे विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें तो अवैध संचालन पर रोक लगाने के साथ वैध चालकों को भी राहत दी जा सकती है। मेरठ में बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा सेवा का उपयोग करते हैं, इसलिए व्यवस्था का संतुलित होना आवश्यक है।
जीआरपी थाने में भी हुई चर्चा
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर से भी वार्ता की। बैठक में स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, अवैध गतिविधियों और यातायात नियंत्रण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में मेरठ स्टेशन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्टेशन परिसर में सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करना प्रशासन के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
कई प्रतिनिधि और यूनियन सदस्य रहे मौजूद
इस अवसर पर रेलवे परामर्श समिति के सदस्य भाई अमित कुमार तोमर, संजय शर्मा तथा ई-रिक्शा यूनियन सदस्य तेज करण, सचिन शर्मा और जितेंद्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने रेलवे स्टेशन परिसर में बेहतर यातायात व्यवस्था और यात्रियों को सुगम सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
निष्कर्ष
मेरठ रेलवे स्टेशन पर अवैध ई-रिक्शा संचालन को लेकर हुई यह बैठक यात्रियों की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों, यूनियन प्रतिनिधियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बनने से स्टेशन परिसर में व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में यदि स्पष्ट नियम और निगरानी व्यवस्था लागू की जाती है तो यात्रियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन सुविधा मिल सकती है।


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