मेरठ में पुलिस ने मेरठ-बागपत रोड स्थित एक होटल पर छापा मारकर कथित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान आठ युवतियों समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस को मौके से आपत्तिजनक सामग्री और अवैध हथियार भी मिले हैं। जांच एजेंसियां अब मोबाइल रिकॉर्ड, होटल अभिलेख और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही हैं। इस कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के होटलों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
मेरठ होटल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस छापे में आठ युवतियां समेत कई लोग पकड़े गए
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ में होटल सेक्स रैकेट मामले को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक होटल पर छापा मारकर कथित देह व्यापार के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान आठ युवतियों समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस को मौके से आपत्तिजनक सामग्री और अवैध हथियार भी मिले हैं।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस कई दिनों से होटल की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। देर शाम हुई इस कार्रवाई के बाद मेरठ-बागपत रोड क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर से जुड़े मार्गों पर संचालित होटलों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
मेरठ-बागपत रोड स्थित होटल में पुलिस की अचानक दबिश
मेरठ पुलिस के अनुसार जानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेरठ-बागपत रोड के पास स्थित एक होटल में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी कि होटल में देर रात तक बाहरी लोगों का आना-जाना बना रहता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने योजना बनाकर छापा मारा।
छापेमारी के दौरान होटल के कई कमरों से युवक और युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने मौके से होटल संचालक समेत कई लोगों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में कथित देह व्यापार संचालित होने की आशंका जताई गई है। पुलिस को होटल परिसर से अवैध पिस्टल और कारतूस मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
मेरठ होटल सेक्स रैकेट मामले में जांच हुई तेज
पुलिस अब गिरफ्तार लोगों के मोबाइल फोन, संपर्क सूत्र और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल मेरठ तक सीमित नहीं हो सकता। दिल्ली-एनसीआर, गाजियाबाद, नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी इसके संपर्क जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि होटल में आने वाले ग्राहकों की जानकारी किस प्रकार छिपाई जाती थी। कई मामलों में ऑनलाइन माध्यमों और मोबाइल एप के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा रहा। पुलिस होटल के अभिलेख और सीसीटीवी रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ रही होटल निगरानी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और दिल्ली से जुड़े हाईवे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते छोटे होटल और गेस्ट हाउस प्रशासन के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। कई बार पहचान सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया में लापरवाही के कारण अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल जाता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बाहरी लोगों की आवाजाही भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में होटल व्यवसाय पर नियमित निगरानी और पुलिस सत्यापन को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है। सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना सामने आने के बाद क्षेत्रीय निवासियों ने होटल संचालन नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के आसपास इस प्रकार की गतिविधियां सामाजिक वातावरण को प्रभावित करती हैं। कई अभिभावकों ने युवाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही होटल संचालकों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
मेरठ होटल सेक्स रैकेट मामले में हुई पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि होटल और गेस्ट हाउसों की नियमित निगरानी समय की आवश्यकता बन चुकी है। पुलिस अब इस नेटवर्क के व्यापक संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच से और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती ऐसे अवैध नेटवर्क को दोबारा सक्रिय होने से रोकना होगी।

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