मेरठ में यूट्यूबर शादाब जकाती से जुड़े ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स पर चला प्रशासन का डंडा, आवास विकास ने की सीलिंग की कार्रवाई

मेरठ में ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स की सीलिंग यह दर्शाती है कि प्रशासनिक तंत्र अब अवैध शहरी विस्तार को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। यूट्यूबर शादाब जकाती से जुड़े होने के कारण यह मामला भले ही सुर्खियों में हो, लेकिन इसके पीछे का मुख्य कारण तकनीकी और कानूनी खामियां हैं। यह घटना उन सभी निवेशकों और बिल्डरों के लिए एक चेतावनी है जो बिना उचित स्वीकृति के बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या संबंधित पक्ष आवश्यक सुधार कर इस सील को खुलवा पाता है या यह इमारत प्रशासनिक ध्वस्तीकरण की ओर बढ़ेगी।

फोटोः शादाब जकाती। सौजन्य सेः फेसबुक

मेरठ में यूट्यूबर शादाब जकाती से जुड़े ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स पर चला प्रशासन का डंडा, आवास विकास ने की सीलिंग की कार्रवाई

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ के जागृति विहार क्षेत्र में आवास विकास परिषद ने एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से निर्मित ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह सील कर दिया है। बुधवार को हुई इस कार्रवाई का मुख्य कारण भवन के मानचित्र की शर्तों का उल्लंघन और बिना अनुमति के किया गया अतिरिक्त निर्माण बताया जा रहा है।

जागृति विहार एक्सटेंशन में प्रशासनिक सख्ती और सीलिंग

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की प्रवर्तन टीम ने बुधवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स पर धावा बोला। विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया था कि इस बहुमंजिला परिसर का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के मानकों को ताक पर रखकर किया गया था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पाया कि परिसर के भीतर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित किए गए मानदंडों की अनदेखी की गई थी। प्रवर्तन दस्ते ने परिसर के सभी मुख्य द्वारों को आधिकारिक मुहर लगाकर बंद कर दिया है, जिससे क्षेत्र के अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं में भी हड़कंप मच गया है।

यूट्यूबर शादाब जकाती की संलिप्तता और कानूनी पेच

यह सीलिंग की कार्रवाई इसलिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि इस निर्माणाधीन ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स का सीधा संबंध क्षेत्र के प्रसिद्ध यूट्यूबर शादाब जकाती से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना में शादाब जकाती की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी की खबरें लंबे समय से चर्चा में थीं। आवास विकास के अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्ष को पूर्व में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे और निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्देशों की अवहेलना जारी रही। अंततः विभाग को सख्त रुख अख्तियार करते हुए इस ढाँचे को सील करने का निर्णय लेना पड़ा।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण के विरुद्ध बड़ा अभियान

मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों अवैध कॉलोनियों और बिना मानचित्र वाले व्यावसायिक परिसरों के विरुद्ध एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। मेरठ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद जैसे निकाय अब भू-माफियाओं और नियमों को दरकिनार करने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों पर शिकंजा कस रहे हैं। ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स पर हुई यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है, जो यह संदेश देती है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता या रसूख नियमों से ऊपर नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे सभी परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो सुरक्षा और शहरी नियोजन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

शहरी विकास मानकों की अनदेखी और भविष्य के संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अवैध निर्माण न केवल सरकारी राजस्व को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि शहरी अवसंरचना पर भी अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स जैसे बड़े प्रतिष्ठानों में यदि अग्निशमन और पार्किंग जैसे अनिवार्य मानकों का पालन नहीं होता, तो यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। आवास विकास परिषद अब इस मामले में कानूनी राय ले रहा है कि क्या इस निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त किया जाना चाहिए या शमन शुल्क के माध्यम से कोई समाधान संभव है। फिलहाल, सीलिंग की इस कार्रवाई ने रियल एस्टेट क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

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