मेरठ में इंदिरा गांधी की मूर्ति क्षतिग्रस्त, कांग्रेस ने प्रशासन को चेताया, नई प्रतिमा लगाने की मांग तेज

मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित के ब्लॉक में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और स्थानीय लोगों में रोष फैल गया। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, नई प्रतिमा स्थापित करने और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

इंदिरा गांधी की टूटी मूर्ति के समक्ष रोष प्रकट करते कांग्रेसी। फोटोः यूपी आज लाइव।

मेरठ में इंदिरा गांधी की मूर्ति क्षतिग्रस्त, कांग्रेस ने प्रशासन को चेताया, नई प्रतिमा लगाने की मांग तेज

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। महानगर के शास्त्रीनगर क्षेत्र स्थित के ब्लॉक में भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा को बीती रात असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में रोष व्याप्त हो गया है। लगभग छत्तीस से अड़तीस वर्षों से स्थापित इस प्रतिमा के दोनों हाथ तोड़े जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में तनावपूर्ण वातावरण बन गया। स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय इतिहास के प्रति असम्मान की घटना बताया है।

घटना की जानकारी सुबह स्थानीय निवासियों को हुई, जिसके बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी। सूचना मिलते ही कांग्रेस मेरठ महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा चुकी थी, जिसकी सूचना प्रशासन को दी गई थी, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर हमला बना राजनीतिक मुद्दा

मेरठ में इंदिरा गांधी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की घटना अब राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिखाई दे रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि करोड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाएं इस घटना से आहत हुई हैं और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई की गई या दोषियों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरती गई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को केवल टूटी हुई प्रतिमा की मरम्मत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसी स्थान पर नई और भव्य प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए।

पहले भी हो चुकी थी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

स्थानीय लोगों के अनुसार शास्त्रीनगर का यह क्षेत्र लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इंदिरा गांधी की यह प्रतिमा पिछले कई दशकों से क्षेत्र की पहचान का हिस्सा मानी जाती रही है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इससे पहले भी असामाजिक तत्वों द्वारा प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी और इसकी जानकारी प्रशासन को दी गई थी। इसके बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण यह घटना सामने आई।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सार्वजनिक प्रतिमाओं और स्मारकों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं समय-समय पर चर्चा में रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक वातावरण को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है।

प्रशासन पर उठे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित है, वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था नहीं है। कई लोगों ने वहां स्थायी सुरक्षा कर्मी तैनात करने तथा निगरानी कैमरे लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिमाएं केवल प्रतीक नहीं होतीं, बल्कि वे ऐतिहासिक स्मृतियों और सामाजिक चेतना का हिस्सा होती हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

कांग्रेस ने नई प्रतिमा स्थापित करने की उठाई मांग

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त प्रतिमा की जगह नई और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। साथ ही प्रतिमा स्थल पर स्थायी सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और निगरानी प्रणाली विकसित की जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा हुआ है।

स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो इससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ सकता है।

मेरठ के शास्त्रीनगर में इंदिरा गांधी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने इस मामले को गंभीर लोकतांत्रिक मुद्दा बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों की गिरफ्तारी और प्रतिमा स्थल की सुरक्षा को लेकर कितनी तेजी से कदम उठाए जाते हैं।

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