रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: ट्रेन के डिब्बे में बक्से से मिला युवती का शव, पांच टुकड़े बरामद, सिर गायब

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक अत्यंत सनसनीखेज और क्रूर हत्याकांड का खुलासा हुआ है। यहाँ यार्ड में खड़ी एक पैसेंजर ट्रेन के कोच के भीतर रखे लावारिस संदूक से एक अज्ञात युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। हत्यारों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतका के शरीर को छह टुकड़ों में काट दिया था, जिसमें से पांच हिस्से बक्से के भीतर मिल चुके हैं, जबकि युवती का सिर अभी भी गायब है। राजकीय रेलवे पुलिस और फोरेंसिक टीमें मामले के खुलासे के लिए कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: ट्रेन के डिब्बे में बक्से से मिला युवती का शव, पांच टुकड़े बरामद, सिर गायब

लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी के सबसे व्यस्ततम चारबाग रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां यार्ड में खड़ी एक ट्रेन के कोच से एक लावारिस संदूक के भीतर से एक अज्ञात युवती का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए हत्यारों ने युवती के शरीर को छह टुकड़ों में काट दिया था, जिसमें से धड़ सहित पांच हिस्से बक्से के अंदर ही पाए गए हैं, जबकि मृतका का सिर अभी भी लापता है। सोमवार को सामने आई इस जघन्य वारदात की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमों ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है।

यार्ड में सफाई के दौरान हुआ खौफनाक खुलासा

यह पूरी घटना चारबाग स्टेशन के वाशिंग एप्रन यानी यार्ड की है, जहां ट्रेनों की नियमित सफाई और रखरखाव का कार्य किया जाता है। स्टेशन पर यात्रा समाप्त होने के बाद जब बोगियों की अंदरूनी सफाई की जा रही थी, तभी सफाई कर्मियों की नजर एक सीट के नीचे लावारिस हालत में रखे लोहे के भारी बक्से पर पड़ी। बक्से के आसपास से तेज दुर्गंध आने और संदिग्ध तरल पदार्थ रिसने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया। जब पुलिस की उपस्थिति में उस संदूक के ताले को काटा गया, तो उसके भीतर का दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

शिनाख्त मिटाने के लिए सिर को किया अलग

राजकीय रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला किसी बेहद सोची-समझी साजिश और आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। हत्यारों ने युवती की पहचान पूरी तरह छुपाने के उद्देश्य से उसके सिर को काटकर कहीं और ठिकाने लगा दिया है। बक्से के भीतर से केवल हाथ, पैर और धड़ के हिस्से ही बरामद हो सके हैं। पुलिस को आशंका है कि इस जघन्य हत्याकांड को किसी अन्य स्थान पर अंजाम दिया गया है और पकड़े जाने के डर से शव को ठिकाने लगाने के लिए ट्रेन के इस डिब्बे का उपयोग एक सुरक्षित माध्यम के रूप में किया गया।

दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रेल मार्गों पर सतर्कता

इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ से चलने वाली और दिल्ली-एनसीआर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुरादाबाद व गाजियाबाद जैसे बड़े स्टेशनों से गुजरने वाली सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। चूंकि यह ट्रेन हाल ही में किस रूट से होकर लखनऊ पहुँची थी, इसकी पूरी समय सारणी खंगाली जा रही है, इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है ताकि यदि वहां कोई हालिया गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो, तो उसका मिलान किया जा सके।

सीसीटीवी कैमरों और फोरेंसिक साक्ष्यों का सहारा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की टीम ने बक्से, बोगी के दरवाजों और सीटों से उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसके साथ ही, चारबाग स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इतना बड़ा और भारी संदूक लेकर किसने और कब ट्रेन के भीतर प्रवेश किया था। पुलिस की कई विशेष टीमें मृतका की शिनाख्त करने के लिए प्रदेश भर के थानों में दर्ज हालिया लापता महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण कर रही हैं।

ट्रेन के भीतर इस प्रकार से टुकड़ों में कटा हुआ शव मिलना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और दावों की पोल खोलता है। स्टेशन परिसरों और बोगियों में यात्रियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के बीच इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर शव को ट्रेन में रख देना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस को न केवल तकनीकी साक्ष्यों पर निर्भर रहना होगा, बल्कि अंतर-राज्यीय स्तर पर लापता लोगों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच करनी होगी। जब तक मृतका की पहचान स्थापित नहीं हो जाती, तब तक हत्यारों तक पहुँचना पुलिस प्रशासन के लिए एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य बना रहेगा।

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