श्री सांई एकेडमी मेरठ में मातृ दिवस पर विशेष संस्कारशाला, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीता माताओं का दिल

मेरठ के मवाना रोड स्थित श्री सांई एकेडमी में मातृ दिवस के उपलक्ष्य में 'विशेष संस्कारशाला' एवं भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधन और बच्चों ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान बच्चों ने गीत, नृत्य और लघु नाटिकाओं के माध्यम से अपनी माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और माता के महत्व से परिचित कराना था।

सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते बच्चे। फोटोः यूपी आज लाइव।

श्री सांई एकेडमी मेरठ में मातृ दिवस पर विशेष संस्कारशाला, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीता माताओं का दिल

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मवाना रोड स्थित श्री सांई एकेडमी, अभैड़ा आदिपुर में मातृ दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य संस्कारशाला एवं भावनात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों के अंतर्मन में अपनी माताओं के प्रति अगाध प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता के भाव को सुदृढ़ करना था, साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति के उन मूल्यों से जोड़ना था जहाँ 'मातृ देवो भव' के आदर्श को सर्वोपरि माना गया है।

भारतीय संस्कारों के प्रकाश से आलोकित हुई संस्कारशाला

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन नवीन कुमार, निदेशक कपिल बालियान एवं प्रधानाचार्या श्रीमती करुणा चौधरी द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के उपरांत विद्यार्थियों ने अत्यंत मधुर स्वर में मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की, जिससे संपूर्ण विद्यालय परिसर का वातावरण भक्तिमय और संस्कारमयी हो गया। इस अवसर पर चेयरमैन नवीन कुमार ने अपने संबोधन में माता को बालक की प्रथम गुरु बताया और कहा कि एक बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण और चरित्र के विकास में मां की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। निदेशक कपिल बालियान ने इस विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा कि माताएं ही बच्चों को जीवन के सर्वश्रेष्ठ संस्कार प्रदान करती हैं और एक उन्नत समाज व उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला रखती हैं।

भावविभोर कर देने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

संस्कारशाला के अंतर्गत विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों ने मातृ प्रेम पर आधारित कई मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने गीत, नृत्य, कविता पाठ, ओजस्वी भाषण और मार्मिक लघु नाटिकाओं के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों को देखकर वहां उपस्थित माताएं भावविभोर हो उठीं और परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। "मेरी माँ, मेरी प्रेरणा" नामक विशेष गतिविधि के दौरान बच्चों ने अपनी माताओं के लिए हस्तनिर्मित कार्ड्स और संदेशों के जरिए अपना स्नेह और आभार प्रकट किया। इसके अतिरिक्त, माताओं और बच्चों के आपसी समन्वय को बढ़ाने के लिए कुछ रोचक खेलों और गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिनमें सभी ने बड़े ही उत्साह के साथ सहभागिता की।

आधुनिक परिवेश में नैतिक शिक्षा और संस्कारों की अनिवार्यता

प्रधानाचार्या श्रीमती करुणा चौधरी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यालय के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि श्री सांई एकेडमी का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और उत्तम संस्कारों से भी समृद्ध करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक और डिजिटल युग में बच्चों और माताओं के बीच प्रेम, सम्मान और भावनात्मक संबंधों को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस धरती पर, जहां पारिवारिक मूल्यों का विशेष महत्व रहा है, वहां इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का एक उत्कृष्ट प्रयास हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा, जिन्हें विद्यालय परिवार द्वारा सराहा गया।

मवाना रोड स्थित इस शिक्षण संस्थान में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि यह बच्चों के चरित्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। मातृ दिवस पर आयोजित यह संस्कारशाला इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और संस्कार मिले, तो वर्तमान पीढ़ी भी अपनी जड़ों और मर्यादाओं का सम्मान करना बखूबी जानती है। अंत में प्रधानाचार्या ने उपस्थित सभी माताओं, अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के संस्कार-प्रधान आयोजनों को जारी रखने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार द्वारा सभी माताओं का विशेष सम्मान करना इस आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा गया।

टिप्पणियाँ