मेरठ में ‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरे का आयोजन 31 मई को, साहित्य प्रेमियों को मिलेगा नामचीन शायरों का साथ

मेरठ में हुमखयाल फाउंडेशन के तत्वावधान में 31 मई 2026 को ‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम हाजी आदिल चौधरी मार्केट, चोपला लिसाड़ी गेट में होगा। अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ. पॉपुलर मेरठी इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि विधायक रफीक अंसारी मुख्य अतिथि रहेंगे। कई प्रतिष्ठित शायर और साहित्यकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। आयोजन का उद्देश्य अनवर मेरठी की साहित्यिक विरासत को सम्मान देना और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना है।

मेरठ में ‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरे का आयोजन 31 मई को, साहित्य प्रेमियों को मिलेगा नामचीन शायरों का साथ

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ शहर एक बार फिर अदब, शायरी और सांस्कृतिक विरासत का साक्षी बनने जा रहा है। हुमखयाल फाउंडेशन के तत्वावधान में आगामी 31 मई को ‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रसिद्ध शायर अनवर मेरठी की स्मृति को समर्पित होगा, जिसमें देश के कई प्रतिष्ठित शायर, साहित्यकार और सामाजिक हस्तियां भाग लेंगी। आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को साहित्यिक परंपराओं से जोड़ना और उर्दू तथा हिंदी की साझा सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है।

अनवर मेरठी की स्मृति में होगा विशेष साहित्यिक आयोजन

‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरे का आयोजन 31 मई 2026 को दोपहर तीन बजे से हाजी आदिल चौधरी मार्केट, चोपला लिसाड़ी गेट, मेरठ में किया जाएगा। कार्यक्रम का केंद्रबिंदु वरिष्ठ शायर अनवर मेरठी के साहित्यिक योगदान को याद करना और उनकी रचनात्मक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहेगा।

मेरठ लंबे समय से साहित्य, पत्रकारिता और शायरी की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। ऐसे में यह आयोजन शहर की साहित्यिक पहचान को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

देश के चर्चित शायर और साहित्यकार होंगे शामिल

मुशायरे की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर डॉ. पॉपुलर मेरठी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में मेरठ शहर से विधायक रफीक अंसारी की उपस्थिति प्रस्तावित है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रहे रफय सुल्तान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

इसके अलावा सत्यपाल ‘सत्यम’, प्रोफेसर यूनुस गाजी, जहीर अहमद बरनी, अभय कुमार ‘अभय’, रजा खतौलीवी, नवाजिश नजार, रमीज वहीद और सलमान आरिफ सहित अनेक जाने-माने रचनाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन में शायरी के विभिन्न रंगों के साथ सामाजिक और समकालीन विषयों पर भी अभिव्यक्तियां सुनने को मिल सकती हैं।

हुमखयाल फाउंडेशन की पहल को मिल रहा व्यापक समर्थन

कार्यक्रम के संरक्षक हाजी आदिल चौधरी तथा संयोजक इरशाद बेताब एडवोकेट हैं। आयोजकों का कहना है कि साहित्य समाज को जोड़ने और संवाद की संस्कृति को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी सोच के साथ इस मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है ताकि साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच मिल सके।

मेरठ और आसपास के जिलों में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ऐसे आयोजन युवा रचनाकारों को अनुभवी साहित्यकारों से सीखने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जीवित है मुशायरों की समृद्ध परंपरा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मुशायरों और कवि सम्मेलनों की एक लंबी परंपरा रही है। बदलते समय और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के बावजूद साहित्यिक आयोजनों के प्रति लोगों का आकर्षण कम नहीं हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि सामाजिक संवाद, भाषा संरक्षण और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं। मुशायरों में प्रस्तुत होने वाली रचनाएं अक्सर समाज की संवेदनाओं, चुनौतियों और उम्मीदों को अभिव्यक्त करती हैं।

नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का अवसर

साहित्यकारों का मानना है कि वर्तमान समय में युवाओं को भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को न केवल श्रेष्ठ साहित्य सुनने का अवसर मिलता है, बल्कि वे अभिव्यक्ति की कला, भाषा की सुंदरता और सामाजिक सरोकारों को भी समझ पाते हैं। ‘बयादे अनवर मेरठी’ मुशायरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो साहित्य और समाज के बीच संवाद को और सशक्त करेगा।

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