विश्व पृथ्वी दिवस पर मेरठ के भराला विद्यालय में पर्यावरण संदेश, बच्चों ने पोस्टर व स्लोगन से जगाई जागरूकता
मेरठ के प्राथमिक विद्यालय भराला में विश्व पृथ्वी दिवस पर इको क्लब के तहत स्लोगन और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पेड़ लगाने, जल बचाने और पॉलीथिन त्यागने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्थानीय समाज को भी प्रेरित किया। यह पहल भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है।
विश्व पृथ्वी दिवस पर मेरठ के भराला विद्यालय में पर्यावरण संदेश, बच्चों ने पोस्टर व स्लोगन से जगाई जागरूकता
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर मेरठ के दौराला क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय भराला में आयोजित कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल प्रस्तुत की। इको क्लब के अंतर्गत आयोजित स्लोगन और पोस्टर प्रतियोगिता में छोटे-छोटे बच्चों ने बड़े संदेश देते हुए पृथ्वी को बचाने का संकल्प लिया। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ाना था, बल्कि समाज को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश देना था।
विश्व पृथ्वी दिवस पर बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति
विश्व पृथ्वी दिवस के इस कार्यक्रम में कक्षा 1 से 5 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपने स्लोगन और पोस्टरों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं को बेहद सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। “पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ”, “जल है तो कल है” और “पॉलीथिन हटाओ-धरती बचाओ” जैसे संदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया कि नई पीढ़ी पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रही है।
पोस्टरों में बच्चों ने ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से जीवंत किया। यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि बच्चों के विचारों और संवेदनाओं का प्रदर्शन भी था, जो भविष्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
विद्यालय की पहल और शिक्षकों की भूमिका
विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शशि कौशिक और इको क्लब प्रभारी शालिनी शर्मा ने इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण के महत्व को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि यदि बचपन से ही बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए, तो भविष्य में समाज अधिक संवेदनशील और जागरूक बन सकता है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को यह भी समझाया कि पृथ्वी केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि हमारा घर है। इसे सुरक्षित रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके भी पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
प्रतियोगिता के परिणाम और सम्मान समारोह
प्रतियोगिता में कक्षा 5 की छात्रा हुमर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा 4 के छात्र वंश ने द्वितीय और कक्षा 2 की छात्रा देविका ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता बच्चों को विद्यालय की ओर से प्रशस्ति पत्र और पर्यावरण अनुकूल उपहार जैसे पौधे और कागज के थैले देकर सम्मानित किया गया।
यह पहल विशेष रूप से सराहनीय रही क्योंकि इसमें बच्चों को पुरस्कार के रूप में भी पर्यावरण से जुड़ी वस्तुएं दी गईं, जिससे उन्हें प्रकृति के प्रति और अधिक जुड़ाव महसूस हो।
निष्कर्ष
विश्व पृथ्वी दिवस पर मेरठ के प्राथमिक विद्यालय भराला में आयोजित यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायक पहल है, जिसने यह साबित किया कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। बच्चों के माध्यम से दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंच सकता है। अब आवश्यकता है कि इस जागरूकता को निरंतर बनाए रखा जाए और इसे जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

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