Meerut News In Hindi: प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, शव यात्रा निकाली, लोकेश अग्रवाल बोलेदृ ‘प्रीपेड मीटर बना संकट’

मेरठ में व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर के विरोध में प्रदर्शन कर शव यात्रा निकाली और पुतला दहन किया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने योजना को अव्यवस्थित और व्यापारी विरोधी बताया। उन्होंने बिजली कटौती, सर्वर फेल और पारदर्शिता की कमी जैसे आरोप लगाए। ज्ञापन देने पहुंचे व्यापारियों को अधिकारी न मिलने पर उन्होंने कार्यालय के बाहर ही ज्ञापन चस्पा किया और विरोध जताया।

प्रीपेड मीटर की शवयात्रा निकालते हुए व्यापारी। फोटोः यूपी आज लाइव।

Meerut News In Hindi: प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, शव यात्रा निकाली, लोकेश अग्रवाल बोले– ‘प्रीपेड मीटर बना संकट’

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ में प्रीपेड मीटर के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया, जब उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नेतृत्व में प्रीपेड मीटर को संकट बताते हुए जोरदार प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर की शव यात्रा निकालकर ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचकर उसका पुतला दहन किया और योजना को तुरंत वापस लेने की मांग उठाई।

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प्रीपेड मीटर का पुतला फूंकते हुए व्यापारी।  फोटोः यूपी आज लाइव।

प्रीपेड मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी

प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी “प्रीपेड मीटर वापस लो” के नारे लगाते हुए ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान प्रतीकात्मक रूप से प्रीपेड मीटर की शव यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज कर दी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक केंद्र के रूप में मेरठ में इस तरह का विरोध अन्य जिलों में भी असर डाल सकता है।

प्रीपेड मीटर के पुतले के साथ प्रदर्शन करते व्यापारी। फोटोः यूपी आज लाइव।

ऊर्जा निगम कार्यालय पर पुतला दहन और विरोध

ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचकर व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर के पुतले का दहन किया और अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल प्रबंध निदेशक से मिलने और अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपने के लिए कार्यालय में पहुंचा, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद अधिकारी के नहीं आने पर व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अंततः उन्होंने कार्यालय के बाहर ही ज्ञापन चस्पा कर विरोध दर्ज कराया।

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ऊर्जा भवन के अंदर प्रदर्शन करते व्यापारी। फोटोः यूपी आज लाइव।

व्यापारियों ने लगाए गंभीर आरोप

सभा को संबोधित करते हुए लोकेश अग्रवाल ने कहा कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित और अपारदर्शी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली बिना स्पष्ट कारण के काटी जा रही है, जिससे छोटे और मध्यम व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों में भी इस व्यवस्था को लेकर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे यह मुद्दा क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा बनता जा रहा है।

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सर्वर फेल और भुगतान के बावजूद समस्या

व्यापारियों ने बताया कि विभाग का सर्वर बार-बार ठप हो जाता है, जिससे भुगतान के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती। उन्होंने इसे तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि वर्षों पुराने बकाए को बिना पर्याप्त आधार के उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है और पीडी कनेक्शन के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा रही है।

पारदर्शिता और सुविधा की कमी पर सवाल

लोकेश अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनकी जमा सुरक्षा राशि का स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है और मीटर से जुड़ी मूलभूत जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। मोबाइल नंबर अपडेट न होना, अनुप्रयोग का सही ढंग से कार्य न करना और आवश्यक प्रमाण पत्रों का पोर्टल पर न होना पूरी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। उन्होंने इसे “डिजिटल लूट” करार देते हुए तत्काल सुधार या योजना वापस लेने की मांग की।

मेरठ में प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ता विरोध इस बात का संकेत है कि बिना पर्याप्त तैयारी और पारदर्शिता के लागू की गई योजनाएं आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर देखने को मिल सकता है।

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