हस्तिनापुर में भगवान परशुराम जयंती का भव्य आयोजन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
हस्तिनापुर में भगवान परशुराम जयंती का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए। भजन-कीर्तन, हवन-पूजन और भंडारे के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया और यह कार्यक्रम क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा।
परशुराम जयंती के कार्यक्रम का दृश्य। फोटाः यूपी आज लाइव
हस्तिनापुर में भगवान परशुराम जयंती का भव्य आयोजन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। हस्तिनापुर में भगवान परशुराम जयंती का आयोजन श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ-साथ क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान परशुराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में एकता का संदेश देना था।
भव्य आयोजन में उमड़ी आस्था की भीड़
कृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन भगवान परशुराम जागृति समिति द्वारा किया गया, जिसके अध्यक्ष दर्शन भारद्वाज और उनकी टीम ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इन प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में हस्तिनापुर चेयरपर्सन पति प्रवीण जी, किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष संदीप प्रधान जी, ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल जी, जिला मंत्री सुनील पोसवाल जी, युवा जिला मंत्री अमल खटीक जी, विनोद कुमार खटीक जी, अखिल भारतीय खटीक समाज के अध्यक्ष, व्यापार संघ अध्यक्ष बालमुकुंद बत्रा जी, इकवारा ग्राम प्रधान सबवे जी, गोपाल कुकरेजा जी, माखन नगर के पूर्व प्रधान भूले राम जी, वैष्णो नगर अध्यक्ष रविकांत कौशिक जी, सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त पंडित जी, जिला कार्यकारिणी सदस्य सोमनाथ पापनेजा जी, समिति के सचिव विजय चौहान जी, हस्तिनापुर गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधक भूपेश जी एवं उनकी टीम, रामराज से पंडित मलूक चंद देवगन जी, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष हरविंदर छाबड़ा जी, गौ रक्षा दल के जिला अध्यक्ष प्रदीप बवेजा जी, मवाना से कारण बवेजा जी, सरदार गुरविंदर सिंह जी, राजीव चौधरी जी, नीरज कामदार जी, सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व प्रधानाचार्य अनुज शर्मा जी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में मातृशक्ति और दूर-दराज से आए ब्राह्मण समाज के लोगों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
हवन-पूजन और भंडारे का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान विधिवत हवन-पूजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता और एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष
हस्तिनापुर में भगवान परशुराम जयंती का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक उत्सव रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का भी प्रतीक बना। इसमें शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवियों की भागीदारी ने इसे और अधिक प्रभावशाली बना दिया।




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