मेरठ युवा सम्मेलन तैयारी बैठक: बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवाओं को अवसर मिले तो बढ़ेगा समाज

मेरठ में अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद की बैठक में राष्ट्रीय युवा सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा हुई। इसमें बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवाओं को अवसर देने पर जोर दिया गया। सहारनपुर में होने वाले सम्मेलन में देशभर के युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और बुजुर्गों के अनुभव से समाज को नई दिशा मिल सकती है और विकास को गति मिलती है।

अतिथि का सम्मान करते आयोजक। फोटोः यूपी आज लाइव।

मेरठ युवा सम्मेलन तैयारी बैठक: बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवाओं को अवसर मिले तो बढ़ेगा समाज

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ में आयोजित युवा सम्मेलन तैयारी बैठक में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि यदि बुजुर्गों के मार्गदर्शन में युवाओं को अवसर मिले, तो समाज के विकास को नई दिशा मिल सकती है। अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद द्वारा आयोजित इस बैठक में आगामी राष्ट्रीय युवा सम्मेलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

राष्ट्रीय युवा सम्मेलन की तैयारियों पर मंथन

मेरठ के मैरी गोल्ड पब्लिक स्कूल में आयोजित इस बैठक में परिषद के पदाधिकारियों ने सहारनपुर स्थित रुहेला आईटीआई कॉलेज में होने वाले राष्ट्रीय युवा सम्मेलन की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल सिंह रुहेला ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं को एक मंच देने का प्रयास है, जहां वे अपने विचार साझा कर सकेंगे और समाज के विकास में योगदान दे सकेंगे।

बुजुर्गों के मार्गदर्शन की भूमिका पर जोर

कार्यक्रम का संचालन करते हुए विष्णु अवतार रुहेला ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही दिशा और मार्गदर्शन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अनुभवी बुजुर्गों का मार्गदर्शन युवाओं को समय पर मिले, तो वे अपने जीवन में नई उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह विचार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सामाजिक ढांचे में भी विशेष महत्व रखता है, जहां पारिवारिक और सामुदायिक मूल्यों की गहरी जड़ें हैं।

सामाजिक एकजुटता और सहभागिता का आह्वान

जिला अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज रुहेला ने सभी सदस्यों से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकजुटता बढ़ती है और युवाओं को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुभाष रुहेला सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।

सांस्कृतिक परंपराओं के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

बैठक की शुरुआत मां सरस्वती और राजा रणवीर सिंह की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुई। इससे कार्यक्रम को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार मिला, जो भारतीय समाज की परंपराओं को दर्शाता है। समारोह की अध्यक्षता रामसिंह रुहेला ने की, जबकि नगर और जिला स्तर के कई पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

पश्चिमी यूपी में युवाओं के लिए बढ़ते अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के सम्मेलन युवाओं को नेतृत्व, कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने में सहायक होते हैं। दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने के कारण यहां के युवाओं को रोजगार और शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिन्हें सही दिशा देने के लिए ऐसे आयोजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

निष्कर्ष

मेरठ में आयोजित यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि समाज के विकास के लिए पीढ़ियों के बीच समन्वय आवश्यक है। बुजुर्गों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर ही एक सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण कर सकते हैं। राष्ट्रीय युवा सम्मेलन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।

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