मेरठ के परीक्षितगढ़ क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस पर भव्य कला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 11 विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। छात्रों ने पेंटिंग और पोस्टर के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मेडल और सम्मान पत्र दिए गए। यह आयोजन छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने और उन्हें प्रेरित करने का एक सफल प्रयास साबित हुआ, जिससे समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस मे भाग लेते छात्र-छात्राएं एवं अतिथिगण। छायाः यूपी आज लाइव।
अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस पर प्रतिभाओं का उत्सव, छात्रों ने दिखाई अद्भुत रचनात्मकता
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर मेरठ के परीक्षितगढ़ क्षेत्र में अखिल विद्या समिति द्वारा भव्य कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में छिपी कला को मंच देना और समाज में रचनात्मकता के महत्व को उजागर करना था।
इस आयोजन में 11 विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और पोस्टर, चित्र तथा मॉडल के माध्यम से सामाजिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और सम्मान पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस पर प्रतिभाओं को मिला मंच
अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ। अखिल विद्या समिति के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्रों ने अपने विचारों को रंगों और आकृतियों के माध्यम से व्यक्त किया।
समिति अध्यक्ष विष्णु अवतार रुहेला ने कहा कि परीक्षितगढ़ क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की है। इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है।
सामाजिक संदेशों से सजी कलाकृतियां
कार्यक्रम में प्रस्तुत की गई कलाकृतियों में केवल सौंदर्य ही नहीं, बल्कि गहरे सामाजिक संदेश भी दिखाई दिए। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों पर आधारित चित्र बनाए।
इन रचनाओं के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि नई पीढ़ी समाज के प्रति जागरूक है और अपने विचारों को सकारात्मक दिशा में व्यक्त करना जानती है। शिक्षकों ने भी छात्रों की इस रचनात्मक सोच की सराहना की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी और आयोजन की विशेषताएं
इस प्रतियोगिता में गुड़नेस पब्लिक स्कूल, लिटिल स्टेप्स पब्लिक स्कूल और राम मनोहर लोहिया विद्यालय सहित कुल 11 संस्थानों ने भाग लिया। सभी विद्यालयों के छात्रों ने उत्साह के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में पोस्टर, स्केच और मॉडल प्रदर्शनी ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन स्थल पर कला का जीवंत माहौल देखने को मिला, जहां हर चित्र अपने आप में एक कहानी कहता नजर आया।
कला और शिक्षा का संबंध: भविष्य की दिशा
अंतर्राष्ट्रीय कला दिवस के अवसर पर यह भी बताया गया कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नारी परिषद की अध्यक्ष पूनम रुहेला ने बताया कि इस दिन को महान कलाकार लियोनार्डो दा विंची की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, जिन्होंने कला और विज्ञान दोनों क्षेत्रों में अद्भुत योगदान दिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर छात्रों को सृजनात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
टीम तेजस्विनी की राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वाति चौधरी ने कहा कि कला मन की अभिव्यक्ति का सबसे प्रभावी माध्यम है, जो व्यक्ति को आत्मविश्वास और पहचान प्रदान करती है।

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