Meerut School Bus Accident: दौराला में खाई में पलटी स्कूल बस, बच्चों का रेस्क्यू
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ सेंट मैरी एकेडमी की बच्चों से भरी एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गई। इस हादसे के दौरान बस में करीब 50 से 55 स्कूली बच्चे सवार थे, जिनके बीच बस पलटते ही चीख-पुकार मच गई और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दौराला मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलटी बस
दौराला क्षेत्र के खेड़ी टप्पा लावड़ मार्ग पर बुधवार का दिन मासूम बच्चों के लिए किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं था। सेंट मैरी एकेडमी स्कूल की रूट नंबर-1 की बस, जिसे आसिफ ट्रांसपोर्ट द्वारा संचालित किया जा रहा था, उरला, चिंदौड़ी, लावड़ और मवीमीरा जैसे गांवों से बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रही थी। जैसे ही बस अझौता मोड़ के पास पहुँची, अचानक चालक रूमान ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और देखते ही देखते वह सड़क किनारे करीब 12 फीट गहरी खाई में जा गिरी। बस के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने देवदूत बनकर किया बच्चों का सफल रेस्क्यू
हादसे के तुरंत बाद जो दृश्य सामने आया वह विचलित करने वाला था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने मिसाल कायम की। बस के पीछे बाइक से अपने बच्चों को छोड़ने आ रहे अभिभावकों और जैनपुर, मवीमीरा व खेड़ी गांव के निवासी देवेंद्र, जोनित, अमित, कपिल और राहुल जैसे ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ग्रामीणों ने पत्थर और डंडों की मदद से बस के शीशे तोड़े और अंदर फंसे डरे-सहमे बच्चों को एक-एक कर बाहर निकाला। इस दौरान कई बच्चे चोटिल भी हुए, जिन्हें तुरंत पास के चिकित्सा केंद्रों पर पहुँचाया गया। ग्रामीणों की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।
फरार चालक और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश
हादसे की भयावहता को देखकर बस चालक रूमान बच्चों को घायल और संकट की स्थिति में छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन स्कूल परिसर में एकत्र हो गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और ट्रांसपोर्टर द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और अकुशल चालकों के हाथ में बच्चों की जिंदगी सौंपी जा रही है। स्कूल परिसर में हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया, जिन्होंने परिजनों को उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
हादसे का प्रभाव और आगामी प्रशासनिक कार्रवाई
इस दुर्घटना ने एक बार फिर स्कूली वाहनों की फिटनेस और चालकों के सत्यापन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल बच्चों में अवनी, शौर्य, युवान, देवांग और खुशी जैसे कई छात्र शामिल हैं, जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बस को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में प्रशासन जनपद के सभी स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग का अभियान चला सकता है और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के लिए भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह हादसा भविष्य में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की सख्ती को बढ़ाने का काम करेगा।
निष्कर्ष
मेरठ में हुआ यह स्कूल बस हादसा परिवहन सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण है। हालांकि ग्रामीणों की बहादुरी ने कई मासूमों की जान बचा ली, लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि व्यावसायिक लाभ के चक्कर में बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। अब प्रशासन को चाहिए कि वह न केवल इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे, बल्कि सभी स्कूलों को कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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