Meerut : एडीजी के नेतृत्व में मेरठ पुलिस का भूमिया के पुल से माधवपुरम तक पैदल मार्च
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण केंद्र मेरठ में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने और आम जनता के बीच सुरक्षा का अटूट भाव पैदा करने के लिए शुक्रवार को एडीजी मेरठ के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने एक विशाल 'फ्लैग मार्च' निकाला। शहर के संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में पुलिस के इस भारी दल-बल को देखकर जहाँ अराजक तत्वों में खलबली मच गई, वहीं स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने पुलिस की इस मुस्तैदी का पुरजोर स्वागत किया है। यह मार्च आगामी त्योहारों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
एडीजी ने खुद संभाली कमान: पुलिस के आला अधिकारियों की मैदान में मौजूदगी
मेरठ जनपद की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के घेरे को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए इस बार खुद अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मेरठ जोन ने कमान संभाली। एडीजी के साथ पुलिस के आला अधिकारियों की एक पूरी टीम सड़क पर उतरी, जिससे प्रशासन की गंभीरता का पता चलता है। इस पैदल मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को परखने और स्थानीय स्तर पर तालमेल बैठाने के लिए कोतवाली क्षेत्राधिकारी (सीओ), ब्रह्मपुरी सीओ सहित इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट और थाना ब्रह्मपुरी प्रभारी अपने भारी दल-बल के साथ पूरी तरह मुस्तैद रहे। अधिकारियों की इस सक्रियता ने न केवल पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि कानून के पालन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस की कई विशेष टुकड़ियों ने एक साथ कदमताल करते हुए शहर के चप्पे-चप्पे पर अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई। मार्च के दौरान अधिकारियों ने उन सभी रास्तों और गलियों का भी निरीक्षण किया जो सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सड़क पर उतरकर जनता से सीधा संवाद करना पुलिस की छवि को 'जन-मित्र' के रूप में स्थापित करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस दौरान पुलिस बल ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और वायरलेस सेट के साथ अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मेरठ पुलिस किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।
भूमिया के पुल से माधवपुरम तक 'सुरक्षा संदेश': रूट और जनसंपर्क
यह विशाल फ्लैग मार्च मेरठ के ऐतिहासिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण 'भूमिया के पुल' से प्रारंभ हुआ। यहाँ से शुरू होकर पुलिस का काफिला धीरे-धीरे माधवपुरम की ओर बढ़ा। यह पूरा मार्ग शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है, जहाँ सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना पुलिस के लिए हमेशा एक चुनौती रहती है। पैदल मार्च के दौरान पुलिस टीम ने न केवल मार्च किया, बल्कि अधिकारियों ने बीच-बीच में रुककर स्थानीय दुकानदारों, पटरी व्यापारियों और राहगीरों से बातचीत भी की। इस जनसंपर्क का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को यह भरोसा दिलाना था कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए २४ घंटे सक्रिय है।
माधवपुरम तक पहुँचने के इस लंबे सफर के दौरान पुलिस ने गलियों के प्रवेश द्वारों और महत्वपूर्ण चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की और कई जगहों पर लोगों ने अधिकारियों का मनोबल भी बढ़ाया। अधिकारियों ने व्यापारियों से सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में भी फीडबैक लिया। इस पैदल मार्च ने यह सुनिश्चित किया कि पुलिस केवल थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह जमीन पर उतरकर हर नागरिक की समस्या और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। माधवपुरम पहुँचने तक यह मार्च एक बड़े सुरक्षा संदेश में बदल चुका था, जिसने पूरे क्षेत्र में शांति का माहौल तैयार किया।
शांति और सौहार्द रखें": पुलिस की जनता से सीधी अपील
फ्लैग मार्च के समापन के अवसर पर माधवपुरम में पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित आमजन और गणमान्य व्यक्तियों से सीधा संवाद स्थापित किया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में अपील की कि शहर में आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि मेरठ की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखना पुलिस और जनता का साझा प्रयास होना चाहिए।
संवाद के दौरान पुलिस ने 'अलर्ट मोड' पर रहने की आवश्यकता पर भी बल दिया। अधिकारियों ने नागरिकों को निर्देश दिए कि यदि उनके क्षेत्र में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो वे बिना डरे तुरंत संबंधित थाने, बीट कांस्टेबल या पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि जो लोग कानून हाथ में लेने की कोशिश करेंगे या शांति व्यवस्था भंग करने के इरादे से सक्रिय रहेंगे, उनके खिलाफ गुंडा एक्ट और अन्य कठोर धाराओं में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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