मेरठ मेट्रो प्लाजा आग: शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें, समय रहते टला बड़ा हादसा

मेरठ मेट्रो प्लाजा में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने सोमवार को हड़कंप मचा दिया। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस घटना में पांच से सात लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस हादसे ने व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

आग बुझाते हुए स्थानीय दुकानदार। फोटोः यूपी आज लाइव

मेरठ मेट्रो प्लाजा आग: शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें, समय रहते टला बड़ा हादसा

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ मेट्रो प्लाजा आग की घटना ने सोमवार को शहर में हड़कंप मचा दिया, जब दिल्ली रोड स्थित एक व्यावसायिक परिसर के दूसरे तल पर अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। दोपहर के समय हुए इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ, हालांकि समय रहते दमकल विभाग की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

मेरठ मेट्रो प्लाजा आग: कैसे लगी और कैसे बढ़ी घटना

मेरठ मेट्रो प्लाजा आग की शुरुआत सेकंड फ्लोर पर स्थित दो प्रॉपर्टी कार्यालयों से हुई, जहां अचानक शॉर्ट सर्किट ने आग का रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे से बारह बजे के बीच हुई, जब कार्यालय में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं।

आग लगने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि कार्यालय के दरवाजे पर डिजिटल लॉक लगा हुआ था, जिससे शुरुआती समय में अंदर पहुंचना मुश्किल हो गया। इस देरी के कारण आग और धुआं तेजी से फैलने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने जब धुआं उठता देखा तो अफरा-तफरी मच गई और सभी लोग अपनी सुरक्षा के लिए बाहर की ओर भागने लगे।

त्वरित सूचना और राहत कार्य से टला बड़ा हादसा

घटना के दौरान मेट्रो प्लाजा के अध्यक्ष राकेश ग्रोवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। रेलवे रोड थाना और फायर ब्रिगेड की टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

इस बीच एक व्यक्ति ने साहस दिखाते हुए ऑफिस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, जिससे धुआं बाहर निकल सका और अंदर पहुंचकर आग बुझाने में मदद मिली। यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि बंद कमरे में धुआं भरने से स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

दमकल कर्मियों ने तेजी से काम करते हुए आग पर नियंत्रण पा लिया। यदि थोड़ी भी देर होती, तो आग आसपास की दुकानों और कार्यालयों तक फैल सकती थी, जिससे नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।

मेट्रो प्लाजा आग की इस घटना में अनुमानित पांच से सात लाख रुपये तक का नुकसान बताया जा रहा है। यह नुकसान मुख्य रूप से कार्यालय में रखे दस्तावेजों, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को हुआ है।


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