मेरठ में महिला शिक्षक संघ का जिला अधिवेशन आयोजित
शशि कौशिक अध्यक्ष व दीप्ति गुप्ता बनीं महामंत्री
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ में उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ द्वारा आयोजित जिला अधिवेशन एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान समारोह में नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई और महिला शिक्षिकाओं के अधिकारों, बालिका शिक्षा तथा शिक्षा सुधार के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुलोचना मौर्य ने नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए जिला अध्यक्ष के रूप में शशि कौशिक और महामंत्री के पद पर दीप्ति गुप्ता की नियुक्ति की घोषणा की।
प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुलोचना मौर्य ने कहा कि यह नियुक्तियां न केवल संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि महिला शिक्षिकाओं की आवाज को और प्रभावी बनाने का प्रयास भी हैं। नई टीम से उम्मीद जताई जा रही है कि वे शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगी और उनके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संभाग प्रचारिका अलका ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षिकाएं स्वयं सुरक्षित और सम्मानित महसूस नहीं करेंगी, तब तक वे पूरी निष्ठा के साथ समाज को शिक्षित नहीं कर पाएंगी।
भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजू सेठी ने बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता पर अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने शिक्षिकाओं से आह्वान किया कि वे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी कार्य करें।
प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुलोचना मौर्य ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य महिला शिक्षिकाओं के हितों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग में बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने और शिक्षकों के साथ हो रही समस्याओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाने की बात कही।
जिला अध्यक्ष शशि कौशिक ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मेरठ जिले में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में “निपुण भारत” जैसे अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू करने और बच्चों की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कार्यक्रम का एक भावनात्मक पहलू वह रहा जब बेसिक शिक्षा में वर्षों तक योगदान देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। उन्हें पटका पहनाकर और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जो उनके समर्पण और सेवा का प्रतीक था। अधिवेशन के दौरान विभिन्न ब्लॉकों की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें सरूरपुर, दौराला, सरधना, हस्तिनापुर और मेरठ ब्लॉक सहित कई क्षेत्रों से नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।


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