Meerut News Today: मेरठ के अल्फा अस्पताल में कानपुर स्वॉट टीम की बड़ी छापेमारी, किडनी कांड के आरोपी डॉक्टर फरार

Meerut News Today: मेरठ के अल्फा अस्पताल में कानपुर स्वॉट टीम की बड़ी छापेमारी, किडनी कांड के आरोपी डॉक्टर फरार

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। । उत्तर प्रदेश के कानपुर में हाल ही में उजागर हुए अंतरराष्ट्रीय अवैध किडनी ट्रांसप्लांट गिरोह के तार अब मेरठ से जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। **Meerut News Today** के तहत गुरुवार की शाम मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में हड़कंप मच गया, जब कानपुर की स्वॉट (SWAT) टीम ने यहाँ के चर्चित 'अल्फा अस्पताल' में अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई एक बड़े किडनी स्कैम की जांच के सिलसिले में की गई है।

 क्या है पूरा मामला?

कानपुर में कुछ दिन पहले पुलिस ने एक बड़े अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। जांच के दौरान सामने आया कि इस संगठित अपराध में शामिल कई संदिग्धों के तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से जुड़े हुए हैं। इसी कड़ी में, साक्ष्यों के आधार पर कानपुर स्वॉट टीम ने गुरुवार देर शाम मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित अल्फा अस्पताल पर धावा बोला।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी, टीम ने साक्ष्य जुटाए

छापेमारी के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद स्टाफ और मरीजों के बीच हड़कंप मच गया। कानपुर स्वॉट टीम ने अस्पताल में प्रवेश करते ही पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई शुरू की। टीम ने अस्पताल के प्रवेश द्वार से लेकर अंदरूनी हिस्सों तक की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई। 

जांच के दौरान टीम ने अस्पताल के लैब डेटा, मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड, और अन्य महत्वपूर्ण फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस को यह आशंका थी कि अस्पताल प्रशासन सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, जिसे देखते हुए जांच टीम ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) जब्त कर लिया है।

डॉक्टर फरार, लुकआउट नोटिस जारी

इस मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर डेंटल सर्जन **डॉ. वैभव मुदगल** और **डॉ. अफजाल** का नाम सामने आया है। छापे के दौरान ये दोनों डॉक्टर अस्पताल में नहीं मिले, जिससे उनके फरार होने की पुष्टि हुई। 

कानपुर पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय से संपर्क किया था। एसएसपी के निर्देशों पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह की निगरानी में मेरठ पुलिस ने इस कार्रवाई में सक्रिय सहयोग दिया। पुलिस ने साफ किया है कि फरार आरोपियों के खिलाफ 'लुकआउट नोटिस' जारी कर दिया गया है, ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें।

दिल्ली कनेक्शन और अन्य सफेदपोशों की तलाश

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी इससे पहले दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट का काला धंधा चला रहे थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट की गहरी परतों को खोलने में जुटी है। मुख्य सवाल यह है कि इस अवैध धंधे में डोनर और रिसीवर को कौन उपलब्ध कराता था? पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में कई 'सफेदपोश' लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान करने के लिए साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे साक्ष्य जुटाने के बाद कानपुर स्वॉट टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

अस्पताल मालिक भी पुलिस की रडार पर

इस पूरे मामले में अल्फा अस्पताल के मालिक अमित (निवासी मुजफ्फरनगर) का नाम भी चर्चा में है। यद्यपि अस्पताल मालिक ने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई पेश करने की कोशिश की है, लेकिन पुलिस ने उन्हें किसी भी प्रकार की 'क्लीन चिट' देने से इनकार किया है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि अमित से भी विस्तार से पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अस्पताल में अवैध गतिविधियों का संचालन किसकी शह पर हो रहा था।

आम जनमानस पर असर

मेरठ के शास्त्रीनगर जैसे पॉश इलाके के एक अस्पताल में इस तरह की अवैध गतिविधियों का खुलासा होना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। आम मरीजों में इस बात को लेकर डर है कि क्या वे सुरक्षित हाथों में हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को भी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस तुरंत निरस्त होना चाहिए जो मानवीय मूल्यों को दरकिनार कर अपराध का अड्डा बन गए हैं।

यह बड़ी खबर शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस की आगे की कार्रवाई यह तय करेगी कि स्वास्थ्य सेवा के नाम पर चल रहे इस अवैध खेल में और कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होते हैं।

टिप्पणियाँ