मेरठ जहरीली शराब कांड: दौराला में 3 की मौत, मंदिर-मस्जिदों से मुनादी कर लोगों को चेताया

चित्र परिचयः मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के सदस्य। 

मेरठ जहरीली शराब कांड: दौराला में 3 की मौत, मंदिर-मस्जिदों से मुनादी कर लोगों को चेताया

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ के दौराला क्षेत्र में शुक्रवार रात जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से लोगों को शराब न खरीदने और न पीने की मुनादी कराई गई। प्रशासन ने शराब के ठेके को सील कर जांच शुरू कर दी है।

मेरठ जहरीली शराब कांड: कैसे हुई तीन लोगों की मौत

मेरठ के दौराला कस्बे में यह दर्दनाक घटना शुक्रवार रात करीब आठ बजे सामने आई, जब तीन लोगों ने सरधना रोड स्थित देसी शराब के ठेके से शराब खरीदकर उसका सेवन किया। मृतकों की पहचान बाबूराम प्रजापति, अंकित और जितेंद्र के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, तीनों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। शुरुआत में परिजनों को लगा कि सामान्य तबीयत खराब हुई है, लेकिन जल्द ही स्थिति गंभीर हो गई। घबराए परिजन तीनों को तुरंत टोल प्लाजा के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही अंकित और जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाबूराम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया और परिजनों में कोहराम मच गया।

ठेका सील, आरोपियों से पूछताछ तेज

मेरठ जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित देसी शराब के ठेके को सील कर दिया है। यह ठेका स्थानीय स्तर पर एक व्यक्ति के नाम पर संचालित बताया जा रहा है।

पुलिस ने ठेका संचालक और वहां कार्यरत दो सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि शराब में मिलावट कहां और किस स्तर पर हुई।

जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि ठेके से बेची गई शराब अन्य किन-किन लोगों तक पहुंची है।

मंदिर-मस्जिदों से मुनादी: लोगों को दी गई सख्त चेतावनी

इस मेरठ जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने एक असामान्य लेकिन प्रभावी कदम उठाया। दौराला क्षेत्र के सभी मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से मुनादी कराई गई कि कोई भी व्यक्ति फिलहाल शराब न खरीदे और यदि किसी ने पहले से शराब खरीद रखी है तो उसका सेवन बिल्कुल न करे।

इस मुनादी का उद्देश्य संभावित और लोगों की जान बचाना था, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि जहरीली शराब की खेप और भी जगहों पर पहुंच सकती है। अचानक हुई इस घोषणा से पूरे कस्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

जांच में जुटे डीएम और एसएसपी, कई बिंदुओं पर फोकस

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने उस स्थान का भी जायजा लिया जहां शराब का सेवन किया गया था।

अधिकारियों ने जांच के दौरान तीन मुख्य बिंदुओं पर फोकस किया है, जिनमें शराब का स्रोत क्या था, उसमें मिलावट कहां हुई और निगरानी में किस स्तर पर चूक हुई। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि हर पहलू की गहन जांच की जाए।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी, लेकिन प्रारंभिक जांच में जहरीली शराब की आशंका मजबूत मानी जा रही है।

ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, प्रशासन पर लगाए आरोप

मेरठ जहरीली शराब कांड के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। अधिकारियों के सामने ग्रामीणों ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा है और इसकी सूचना कई बार पुलिस और आबकारी विभाग को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही का परिणाम है कि आज तीन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

लोगों ने मांग की है कि इस बार केवल औपचारिक कार्रवाई न की जाए, बल्कि अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

यह मेरठ जहरीली शराब कांड प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे जिले में शराब के ठेकों की जांच तेज कर दी गई है और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। इसके साथ ही प्रशासन पर यह दबाव भी बढ़ेगा कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाले। विशेषज्ञों का मानना है कि जहरीली शराब के मामलों को रोकने के लिए सख्त निगरानी, नियमित जांच और जनजागरूकता बेहद जरूरी है।

मेरठ जहरीली शराब कांड एक बार फिर यह साबित करता है कि अवैध और मिलावटी शराब का कारोबार कितना खतरनाक हो सकता है। तीन लोगों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को गहरा दुख दिया है, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्त कार्रवाई करे और लोग भी जागरूक बनें। जब तक अवैध धंधों पर पूरी तरह लगाम नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। उम्मीद है कि इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा।

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