मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़: लोहियानगर में बेसमेंट से 11 तस्कर गिरफ्तार, 10 फरार

मेरठ के लोहियानगर में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 11 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि 10 आरोपी फरार हैं। बेसमेंट में चल रही इस फैक्ट्री से आठ तैयार और तीन अधबनी पिस्टल बरामद हुई हैं। पुलिस अब सप्लाई चेन और नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह कार्रवाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों के कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।

पकड़े गये हथियार तस्करों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी। फोटोः यूपी आज लाइव।

मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़: लोहियानगर में बेसमेंट से 11 तस्कर गिरफ्तार, 10 फरार

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री का बड़ा खुलासा उस समय हुआ जब लोहियानगर क्षेत्र में एक मकान के बेसमेंट में गुपचुप तरीके से शस्त्र निर्माण का कारोबार पकड़ा गया। संयुक्त पुलिस कार्रवाई में 11 तस्करों की गिरफ्तारी हुई, जबकि 10 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध हथियार नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है।

पकड़े गये हथियार तस्कर। फोटोः यूपी आज लाइव।

बेसमेंट में चल रहा था संगठित अवैध कारोबार

मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री मामले में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक रिहायशी इलाके के मकान में छिपकर हथियार बनाए जा रहे हैं। इसके बाद स्वाट, सर्विलांस और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर बेसमेंट में चल रही फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। यह तथ्य सामने आया कि शहरी क्षेत्र में छिपकर इस तरह का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिससे आसपास के लोगों को भी इसकी भनक नहीं लग सकी।

बरामदगी से खुला तस्करी का पैमाना

पुलिस कार्रवाई के दौरान मौके से आठ तैयार पिस्टल और तीन अधबनी पिस्टल बरामद की गईं। साथ ही हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इन अवैध हथियारों की कीमत बाजार में लगभग साठ हजार रुपये तक रखी जाती थी, जिससे इस अवैध कारोबार के आर्थिक पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सप्लाई चेन और नेटवर्क की जांच तेज

मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस इस पूरे नेटवर्क पर है। पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ये हथियार किन क्षेत्रों में सप्लाई किए जाते थे और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क केवल मेरठ तक सीमित नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक फैला हो सकता है।

फरार आरोपियों की तलाश में दबिश

पुलिस के अनुसार इस मामले में 10 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है that फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की और परतें खुल सकती हैं। स्थानीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

पश्चिमी यूपी में अवैध हथियारों पर सख्ती

विशेषज्ञों का कहना है कि मेरठ और आसपास के जिलों में अवैध हथियारों का कारोबार लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। हालांकि हाल के वर्षों में पुलिस की सक्रियता से इस पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है। दिल्ली-एनसीआर से सटे होने के कारण यह क्षेत्र तस्करों के लिए संवेदनशील माना जाता है, जहां ऐसी फैक्ट्रियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

मेरठ अवैध हथियार फैक्ट्री का यह खुलासा कानून व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अपराधियों के नेटवर्क पर चोट पहुंची है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है। हालांकि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और सप्लाई चेन का पूरा खुलासा होना अभी बाकी है, जो इस मामले को और स्पष्ट करेगा।

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