Meerut Breaking News: निर्माणाधीन अस्पताल में लिफ्ट गिरने से मजदूर की मौत, जांच शुरू
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। दौराला क्षेत्र में निर्माणाधीन अस्पताल में बड़ा हादसा सामने आया, जहां लिफ्ट गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा बृहस्पतिवार दोपहर लिफ्ट इंस्टालेशन के दौरान हुआ, जिसके बाद निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया और जांच शुरू कर दी गई।
लिफ्ट गिरने से मजदूर की मौत
हादसा उस समय हुआ जब सकौती हाईवे स्थित निर्माणाधीन नवोदय अस्पताल में लिफ्ट लगाने का कार्य चल रहा था। जानकारी के अनुसार, तीसरी मंजिल पर काम कर रहे दो मजदूर अचानक लिफ्ट के साथ नीचे गिर पड़े। इस दर्दनाक घटना में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
बताया गया है कि भावनपुर के किन्नानगर निवासी कर्ण और अझौता निवासी अंकित अस्पताल की तीसरी मंजिल पर लिफ्ट इंस्टालेशन का कार्य कर रहे थे। अचानक तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही के चलते लिफ्ट नीचे आ गिरी, जिससे दोनों मजदूर सीधे नीचे आकर गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य मजदूरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
घायलों को तत्काल मोदीपुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने कर्ण को मृत घोषित कर दिया, जबकि अंकित का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
निर्माण कार्य पर रोक
हादसे की सूचना मिलते ही दौराला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर निर्माणाधीन अस्पताल में काम रुकवा दिया है। साथ ही यह जांच शुरू कर दी गई है कि हादसा किन कारणों से हुआ और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सीओ दौराला प्रकाश चंद्र अग्रवाल के अनुसार, पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य बंद रहेगा।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अक्सर देखा जाता है कि निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, जिससे इस तरह के हादसे सामने आते हैं। यदि लिफ्ट इंस्टालेशन के दौरान उचित तकनीकी जांच और सुरक्षा उपाय अपनाए जाते, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए भी चेतावनी है। इस घटना के बाद संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ाए जाने की संभावना है। दोषी पाए जाने पर निर्माण एजेंसी या ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
मेरठ में निर्माणाधीन अस्पताल में हुआ यह हादसा सुरक्षा लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। एक मजदूर की जान जाना और दूसरे का गंभीर रूप से घायल होना इस बात का संकेत है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस हादसे के पीछे असली वजह क्या थी, लेकिन फिलहाल यह घटना सभी के लिए सबक है।
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