मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के माधवपुरम खंड-3 में शनिवार रात शॉर्ट सर्किट से दो दुकानों में भीषण आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए परचून और स्पेलर की दुकान को पूरी तरह जला गई, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। कई धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई। दमकल की पांच गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
मेरठ आग हादसा: शॉर्ट सर्किट से दो दुकानों में भीषण आग, लाखों का नुकसान
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। शनिवार देर रात थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के माधवपुरम खंड-3 में सामने आया, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण दो दुकानों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में परचून और स्पेलर की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने लिया विकराल रूप
मेरठ आग हादसा उस समय हुआ जब रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक तेज धमाके के साथ दुकान में चिंगारी उठी और आग फैल गई। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष अमन सिंघल की “सिंघल ब्रदर्स” नामक परचून और कन्फेक्शनरी दुकान सबसे पहले आग की चपेट में आई। देखते ही देखते पास स्थित प्रमोद सिंघल की स्पेलर की दुकान भी लपटों में घिर गई। आग इतनी तीव्र थी कि आसपास के लोग संभलने का मौका भी नहीं पा सके।
धमाकों से दहशत, फ्रिज का कंप्रेसर फटने से बढ़ी अफरा-तफरी
आग के दौरान दुकान में रखे कोल्ड ड्रिंक फ्रिज का कंप्रेसर फट गया, जिससे कई तेज धमाके हुए। इन धमाकों की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण हालात नियंत्रण से बाहर होते गए।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही थाना ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। माधवपुरम चौकी प्रभारी दलवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ राहत कार्य शुरू कराया। स्थानीय निवासियों ने भी पुलिस के साथ मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, जिससे बड़ा हादसा टल गया और आग आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोकी जा सकी।
दमकल की देरी से पहुंची गाड़ियां, दो घंटे बाद काबू
फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कुछ देर से पहुंचीं, जिससे आग और अधिक फैल गई। बाद में दमकल विभाग की करीब पांच गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान एक दुकान का शटर अचानक गिर गया, जिसे स्थानीय लोगों ने मिलकर उठाया और अंदर फंसे सामान को निकालने का प्रयास किया।
जांच में शॉर्ट सर्किट की पुष्टि, जनहानि टली
अग्निशमन अधिकारी आकाश चौहान के अनुसार प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट पाया गया है। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, जो बड़ी राहत की बात है।
मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मियों के दौरान इस तरह के आग हादसे बढ़ जाते हैं, खासकर जहां पुराने बिजली तार और ओवरलोडिंग की समस्या रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित विद्युत जांच और सुरक्षा उपाय अपनाकर ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
मेरठ आग हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि शहरी इलाकों में विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीरता जरूरी है। समय पर फायर ब्रिगेड की पहुंच और स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ी त्रासदी टल गई, लेकिन व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सतर्कता और मजबूत व्यवस्था अनिवार्य है।

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