मेरठ समाचार: जनगणना की तैयारियों पर जिलाधिकारी सख्त, दिए मिशन मोड में काम के निर्देश
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन सभागार में जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में जुटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लॉक वर्गीकरण से लेकर प्रगणकों की नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न होनी चाहिए।
जनगणना कार्यों की समीक्षा और जिलाधिकारी के कड़े निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विकास भवन में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जनगणना की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों के चयन की प्रक्रिया को तत्काल अंतिम रूप दिया जाए और उनके प्रशिक्षण के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक ब्लॉक और वार्ड का वर्गीकरण सटीक होना चाहिए ताकि गणना के समय कोई भी क्षेत्र छूटने न पाए।
दो चरणों में संपन्न होगी पूरी प्रक्रिया और डेटा की शुद्धता
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना की तैयारियों को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाएगा और दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना होगी। उन्होंने सभी चार्ज ऑफिसर्स को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि जमीनी स्तर पर कोई भ्रम की स्थिति पैदा न हो। डेटा फीडिंग के संबंध में विशेष हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से फीडिंग पूरी तरह त्रुटिरहित होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की मानवीय या तकनीकी गलती पूरे डेटा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर निगरानी अनिवार्य है।
प्रशासनिक समन्वय और तकनीकी समस्याओं का समाधान
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद समस्त एसडीएम, अपर जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि कार्य के दौरान कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आती है, तो उसे दबाने के बजाय तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाएं। इससे न केवल समस्या का त्वरित समाधान होगा, बल्कि कार्य की गति भी बाधित नहीं होगी। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि दूरदराज के क्षेत्रों और मलिन बस्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि वहां के निवासियों की गणना पूरी शुचिता के साथ सुनिश्चित हो सके।
समाचार का प्रभाव और भविष्य की कार्ययोजना
जिलाधिकारी की इस सख्ती का सीधा प्रभाव आने वाले दिनों में जिले की प्रशासनिक मशीनरी पर देखने को मिलेगा। अधिकारियों ने अब युद्धस्तर पर प्रगणकों की सूची तैयार करना और वार्ड स्तर पर ब्लॉकों का मिलान करना शुरू कर दिया है। आने वाले सप्ताह में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को डिजिटल गणना के उपकरणों और ऐप के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा। इस मुस्तैदी से यह सुनिश्चित होगा कि मेरठ जिला जनगणना के आंकड़ों को समय पर और बिना किसी बड़ी त्रुटि के शासन को भेजने में सफल रहेगा।
निष्कर्ष
मेरठ में जनगणना की तैयारियों को लेकर प्रशासन का यह सक्रिय रुख सराहनीय है। जनगणना के सटीक आंकड़े न केवल भविष्य की सरकारी योजनाओं के निर्माण में सहायक होते हैं, बल्कि जिले के विकास का खाका खींचने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह के कुशल नेतृत्व और सख्त निर्देशों के बाद अब यह उम्मीद की जा सकती है कि मेरठ में यह राष्ट्रीय अभियान अपनी तय समय-सीमा के भीतर पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ संपन्न होगा।

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