मेरठ के सेंट्रल मार्केट में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने डीएम से मिलकर दुकानें खोलने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि इससे उनका रोजगार और परिवार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर हस्तक्षेप की अपील की। यह विवाद अब व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसका असर शहर की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर भी पड़ रहा है।
जिलाधिकारी मेरठ से मिलकर आता व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल। छायाः यूपी आज लाइव
मेरठ सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद: व्यापारियों ने डीएम से लगाई गुहार, दुकानें खोलने की मांग तेज
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद ने अब एक गंभीर रूप ले लिया है, जहां शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने सील किए गए प्रतिष्ठानों को खुलवाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की। बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर पुनर्विचार की अपील की। यह मामला लगातार बढ़ते आंदोलन और आर्थिक संकट की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद: क्या है पूरा मामला
शास्त्री नगर का सेंट्रल मार्केट मेरठ के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक माना जाता है। हाल ही में प्रशासन द्वारा यहां कई दुकानों को सील करने और कुछ स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के पीछे नियमों के उल्लंघन और अवैध निर्माण का हवाला दिया गया है।
हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि उन्हें बिना पर्याप्त समय दिए और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक इस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इससे उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ा है और कई दुकानदारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
डीएम से मुलाकात, मुख्यमंत्री तक पहुंची मांग
बुधवार को व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी मेरठ से मिला और अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें सील किए गए प्रतिष्ठानों को तुरंत खोलने की मांग की गई।
व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से हजारों परिवारों का रोजगार प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक इस प्रकार की सख्त कार्रवाई को रोका जाए। साथ ही, वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
व्यापारियों के आंदोलन का असर और बढ़ती चिंता
पिछले कई दिनों से सेंट्रल मार्केट के व्यापारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन ने अब व्यापक रूप ले लिया है, जिसमें विभिन्न व्यापारिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। बाजार में दुकानें बंद रहने से न केवल व्यापारियों बल्कि ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि उनकी आमदनी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे उनके बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई परिवार आर्थिक संकट की कगार पर पहुंच गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में संवाद ही सबसे प्रभावी समाधान होता है। यदि प्रशासन व्यापारियों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को समझे और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई करे, तो टकराव की स्थिति को टाला जा सकता है।
यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। वहीं, सकारात्मक समाधान से व्यापारियों का विश्वास बहाल हो सकता है।

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