मेरठ सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद: धरने में पहुंची कांग्रेस नेत्री को पुलिस ने उठाया, बढ़ा सियासी टकराव

मेरठ सेंट्रल मार्केट में सीलिंग के विरोध में चल रहे धरने के दौरान कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा को पुलिस द्वारा उठाए जाने पर विवाद बढ़ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर विरोध जताया, जबकि पुलिस ने गिरफ्तारी से इंकार किया। इस घटनाक्रम ने मामले को सियासी रंग दे दिया है। व्यापार प्रभावित हो रहा है और आम लोगों की आजीविका पर असर पड़ रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

मेरठ सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद: धरने में पहुंची कांग्रेस नेत्री को पुलिस ने उठाया, बढ़ा सियासी टकराव

मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। सेंट्रल मार्केट में सीलिंग के विरोध में चल रहे धरने के दौरान उस समय माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा को पुलिस ने धरनास्थल से उठाकर थाने ले जाया। शास्त्रीनगर स्थित इस बाजार में पिछले कई दिनों से पीड़ित व्यापारी और महिलाएं धरना दे रही हैं। कांग्रेस की एंट्री के बाद प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है, जिससे पूरा मामला अब सियासी रंग लेता दिख रहा है।

सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद की पृष्ठभूमि

मेरठ सेंट्रल मार्केट का यह विवाद दुकानों की सीलिंग और अवैध निर्माण के आरोपों से जुड़ा हुआ है। नगर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों की दुकानें बंद हो गई हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इसी के विरोध में व्यापारी और विशेष रूप से महिलाएं लगातार धरना प्रदर्शन कर रही हैं। यह धरना केवल विरोध का माध्यम नहीं, बल्कि अपने रोजगार और भविष्य को बचाने की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

धरने में कांग्रेस की एंट्री और पुलिस की सख्ती

घटनाक्रम उस समय तेज हो गया जब महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष रीना शर्मा धरनास्थल पर पहुंचीं। उनका कहना है कि वे पीड़ित महिलाओं को समर्थन और हौसला देने गई थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जताई।

पुलिस का स्पष्ट रुख था कि धरना केवल प्रभावित व्यापारियों तक सीमित रहे और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक भागीदारी न हो। विरोध करने पर पुलिस ने रीना शर्मा को धरनास्थल से उठाकर नौचंदी थाने ले जाया, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।

थाने पर विरोध और आरोप-प्रत्यारोप

रीना शर्मा को थाने ले जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में थाना नौचंदी पहुंच गए। वहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

हालांकि पुलिस ने किसी भी तरह की गिरफ्तारी से इंकार किया है। थाना प्रभारी का कहना है कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस आम जनता की आवाज को दबाने का काम कर रही है और जो भी व्यक्ति पीड़ित व्यापारियों के समर्थन में खड़ा होता है, उसे डराने का प्रयास किया जा रहा है।

रास्ते में रोके गए कांग्रेसी, बढ़ा विवाद

घटना ने एक और मोड़ तब लिया जब कांग्रेस नेताओं को सूचना मिली कि एसपी सिटी सेंट्रल मार्केट में मौजूद हैं। उनसे मिलने के लिए कांग्रेसी वहां जाने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर और अधिक गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों को ही रोका जाएगा तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा।

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