एलपीजी संकट: गैस बुकिंग को लेकर लागू हुई नई 'FIFO' व्यवस्था, अब इस नियम से मिलेगा सिलिंडर; मिड-डे मील पर भी मंडराया संकट
एलपीजी संकट: गैस बुकिंग को लेकर लागू हुई नई 'FIFO' व्यवस्था, अब इस नियम से मिलेगा सिलिंडर; मिड-डे मील पर भी मंडराया संकट
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। जनपद में गहराते एलपीजी संकट के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब सिलिंडर की आपूर्ति 'पहले आओ-पहले पाओ' (FIFO) के आधार पर की जाएगी। यानी जिनकी बुकिंग पहले की है, उन्हें ही पहले डिलीवरी मिलेगी। इसके साथ ही प्रशासन ने डीजल की थोक खरीद और स्कूलों में मिड-डे मील की समस्या को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था: तत्काल बुकिंग पर डिलीवरी बंद, स्टॉक पर रहेगी नजर
पेट्रोलियम कंपनियों ने वर्चुअल बैठक के बाद नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है:
FIFO नियम: अब पुरानी बुकिंग क्लियर होने के बाद ही नई बुकिंग पर सिलिंडर दिए जाएंगे। गैस एजेंसियों को अपने काउंटर पर तिथिवार वितरण की सूची चस्पा करनी होगी।
स्टॉक लिमिट: कालाबाजारी रोकने के लिए अब एजेंसी संचालकों को अधिकतम डेढ़ दिन का स्टॉक ही दिया जाएगा।
नो तत्काल सर्विस: तत्काल बुकिंग पर तुरंत डिलीवरी की सुविधा फिलहाल बंद कर दी गई है। इसके अलावा, कॉमर्शियल सिलिंडर के दामों में 218 रुपये की भारी बढ़ोतरी भी लागू हो गई है।
किसानों के लिए डीजल नियम: रिकॉर्ड देना होगा अनिवार्य
गेहूं कटाई के सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष निर्देश जारी किए हैं:
थोक खरीद का रिकॉर्ड: अधिक मात्रा में डीजल खरीदने वाले किसानों का नाम, पता और मोबाइल नंबर पेट्रोल पंपों पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
भंडारण पर रोक: डीजल का अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सिलिंडरों की डिलीवरी हर हाल में घर पर ओटीपी (OTP) के माध्यम से ही की जाए।
मिड-डे मील पर संकट: चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर रसोइए
गैस किल्लत का असर अब जिले के सरकारी स्कूलों पर भी दिखने लगा है:
2600 से अधिक स्कूल प्रभावित: परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में सिलिंडर न पहुंचने से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) पकाने में भारी समस्या आ रही है।
BSA का हस्तक्षेप: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि स्कूलों और स्वयंसेवी संस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों के पोषण में बाधा न आए।

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