मेरठ के लिसाड़ी में डॉ अंबेडकर जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नेताओं और समाजसेवियों ने बाबा साहब के विचारों को समाज तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस आयोजन ने सामाजिक समरसता, एकता और जागरूकता को बढ़ावा दिया। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को प्रेरित करते हैं और समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।
अम्बेडकर जयंती पर लिसाड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते अतिथिगण। फोटाः यूपी आज लाइव।
डॉ अंबेडकर जयंती पर लिसाड़ी में भव्य शोभायात्रा, झांकियों ने बांधा समता और एकता का संदेश
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। डॉ अंबेडकर जयंती के अवसर पर मेरठ के लिसाड़ी क्षेत्र में भव्य और विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया। डॉ भीमराव अंबेडकर के 135वें जन्म दिवस के उपलक्ष में निकाली गई इस शोभायात्रा में आकर्षक झांकियों, बैंड-बाजों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।
शोभायात्रा का भव्य आयोजन
लिसाड़ी में निकाली गई यह शोभायात्रा अपने भव्य स्वरूप के कारण चर्चा का केंद्र बन गई। शोभायात्रा में 9 बैंड, 4 डीजे, ताशा, शहनाई और ढोल की गूंज ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। इस दौरान 16 आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। झांकियों के माध्यम से भगवान बुद्ध, भारत माता, संत रविदास, शहीद उधम सिंह, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
डॉ अंबेडकर के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षणों को भी झांकियों के माध्यम से दर्शाया गया, जैसे उनका शिक्षा ग्रहण करना और संविधान सौंपना। इन झांकियों ने नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का कार्य किया।
नेताओं और समाजसेवियों ने रखे विचार
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने बाबा साहब के योगदान पर प्रकाश डाला। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि डॉ अंबेडकर का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं।
युवा समाजसेवी डॉ आदित्य सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ अंबेडकर किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। उन्होंने वंचितों और महिलाओं के उत्थान के लिए जो योगदान दिया, वह आज के समाज के लिए मार्गदर्शक है।
समाज समिति के अध्यक्ष डॉ चरण सिंह ने भी उनके जीवन संघर्ष और शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बाबा साहब ने अभावों में रहकर भी समाज को नई दिशा दी।
सामाजिक समरसता और एकता का संदेश
डॉ अंबेडकर जयंती के इस आयोजन का सबसे बड़ा संदेश सामाजिक समरसता और एकता रहा। शोभायात्रा में सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि बाबा साहब के विचार आज भी समाज को जोड़ने की ताकत रखते हैं।
ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा करते हुए समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर का जीवन हमें समानता और न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। मेरठ जैसे शहर में इस तरह के आयोजन सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें