कुंभ गर्ल मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा: पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई मोनालिसा की शादी अब कानूनी पचड़े में फंस गई है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में खुलासा हुआ है कि शादी के समय मोनालिसा नाबालिग थी, जिसके बाद उनके पति फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आयोग ने इस मामले में उम्र छिपाने और फर्जीवाड़े को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कई राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को तलब किया है।

कुंभ गर्ल मोनालिसा की शादी में फर्जीवाड़ा: पति फरमान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

बागपत, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। कुंभ मेले में अपनी तस्वीरों के जरिए रातों-रात सोशल मीडिया सेंसेशन बनी 'कुंभ गर्ल' मोनालिसा की शादी अब विवादों के घेरे में आ गई है। इस चर्चित अंतरजातीय विवाह में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद, उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की गहन जांच में यह पाया गया है कि निकाह के समय लड़की की आयु बालिग होने के कानूनी मानक से कम थी, जिसे जानबूझकर छिपाया गया था।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में हुआ उम्र का खुलासा

मोनालिसा और फरमान की शादी के बाद से ही इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया था। राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में जब इस प्रकरण की जांच शुरू हुई, तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। आयोग की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि जिस समय यह विवाह संपन्न हुआ, उस समय मोनालिसा की वास्तविक आयु महज 16 वर्ष और 2 माह थी। दस्तावेजों के साथ की गई इस छेड़छाड़ को आयोग ने गंभीरता से लिया है, क्योंकि शादी के वक्त उसे बालिग दर्शाया गया था। इस उम्र संबंधी विसंगति के आधार पर ही अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

पति फरमान पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई**

जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी पति फरमान के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरमान, जो मूल रूप से बागपत का रहने वाला है और मुंबई में फिल्म जगत में संघर्ष कर रहा था, उसने केरल में मोनालिसा से शादी की थी। आयोग का मानना है कि यह केवल एक विवाह का मामला नहीं है, बल्कि एक नाबालिग के अधिकारों का उल्लंघन और कानूनी प्रक्रियाओं के साथ किया गया खिलवाड़ है।

डीजीपी तलब: मामले में राष्ट्रीय स्तर पर मची हलचल**

इस फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनजाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने केरल और मध्य प्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को दिल्ली स्थित मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। इस बैठक का उद्देश्य मामले की विस्तृत रिपोर्ट लेना और यह सुनिश्चित करना है कि जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। चूंकि मामला दो-तीन राज्यों की सीमाओं से जुड़ा है, इसलिए समन्वय स्थापित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पुलिस अब उन दस्तावेजों की दोबारा जांच कर रही है जिनके आधार पर इस शादी को वैध ठहराने की कोशिश की गई थी।

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। फरमान के परिवार ने पहले ही इस रिश्ते से किनारा कर लिया था और अब कानूनी धाराओं के जुड़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में पुलिस फरमान की गिरफ्तारी और उन लोगों पर भी कार्रवाई कर सकती है जिन्होंने नाबालिग की उम्र के गलत दस्तावेज तैयार करने में मदद की। यह मामला समाज में नाबालिगों के संरक्षण और अंतरजातीय विवाहों में कानूनी शुचिता बनाए रखने के प्रति एक कड़ा संदेश देने वाला साबित हो सकता है।

मोनालिसा और फरमान की शादी का यह प्रकरण अब प्रेम प्रसंग से इतर एक गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो चुका है। राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी नागरिक की उम्र और पहचान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून की नजर में नाबालिग से विवाह एक अपराध है और अब इस मामले में फरमान को अदालत के कठोर सवालों का सामना करना होगा। निष्पक्ष जांच ही अब इस 'कुंभ गर्ल' के भविष्य और न्याय की दिशा तय करेगी।

टिप्पणियाँ