BIG BREAKING NEWS: केजरीवाल को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल, AAP में भारी टूट

आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए। चड्ढा ने दावा किया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसद इस्तीफा दे चुके हैं और अन्य नेता भी जल्द शामिल हो सकते हैं। उन्होंने AAP पर मूल्यों से भटकने का आरोप लगाया। इस घटनाक्रम से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

राघव चड्ढा। सौजन्य से: फेसबुक

केजरीवाल को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल, AAP में भारी टूट

नई दिल्ली, एजेंसी। आम आदमी पार्टी के लिए शुक्रवार का दिन बड़ा राजनीतिक झटका लेकर आया, जब उसके प्रमुख राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत सात सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक हलचल बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही असंतोष की स्थिति इस टूट का कारण बनी।

AAP के दो-तिहाई सांसदों का एक साथ इस्तीफा

दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राघव चड्ढा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसदों में से सात ने इस्तीफा दे दिया है, जो संविधान के प्रावधानों के अनुसार एक समूह के रूप में दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन को औपचारिक पत्र भी सौंपा गया है और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं।

पार्टी मूल्यों से भटकने का आरोप

अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस संगठन को उन्होंने वर्षों की मेहनत और संघर्ष से खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिकता से पूरी तरह भटक चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रह गई है, जिससे कई वरिष्ठ नेताओं में असंतोष बढ़ा।

अन्य नेताओं के भी शामिल होने का दावा

चड्ढा ने यह भी दावा किया कि हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन नेताओं की ओर से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

आंतरिक बदलाव और नेतृत्व पर सवाल

गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाया गया था और उनकी जगह अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव भी इस बड़े घटनाक्रम की पृष्ठभूमि तैयार करने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत था।

निष्कर्ष

आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम केवल संख्या में कमी नहीं, बल्कि नेतृत्व और संगठनात्मक स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। यदि अन्य सांसद भी पार्टी छोड़ते हैं, तो यह संकट और गहरा सकता है। वहीं बीजेपी के लिए यह अवसर राजनीतिक विस्तार का संकेत है। आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आ सकते हैं।

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