IIT बाबा अभय सिंह की शादी: पत्नी संग झज्जर पहुंचे, सास ने आरती उतारकर किया स्वागत

IIT बाबा अभय सिंह की शादी: पत्नी संग झज्जर पहुंचे, सास ने आरती उतारकर किया स्वागत

झज्जर, एजेंसी। महाकुंभ में चर्चा में आए IIT बाबा अभय सिंह की शादी के बाद पहली बार वे अपनी पत्नी के साथ हरियाणा के झज्जर पहुंचे। यहां परिवार ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। अभय सिंह ने पत्नी प्रीतिका के साथ अपने नए जीवन और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी खुलकर बात की।

महाकुंभ के दौरान अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभय सिंह शादी के बाद पहली बार अपने पैतृक जिले झज्जर पहुंचे। IIT बाबा अभय सिंह की शादी की खबर पहले ही चर्चा में थी और अब उनके घर आगमन पर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। तहसील परिसर में पहुंचने पर वे अपने पिता के चैंबर में रुके, जहां मीडिया से बातचीत की और अपने जीवन के नए अध्याय के बारे में जानकारी दी।

पत्नी प्रीतिका के साथ पारंपरिक स्वागत

अभय सिंह अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ जब गांव पहुंचे तो परिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी मां ने बहू की आरती उतारकर गृह प्रवेश करवाया, जो पारंपरिक भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान गांव के कई लोग और रिश्तेदार भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मौके को उत्सव की तरह मनाया।

महाकुंभ से मिली पहचान और बढ़ी लोकप्रियता

IIT बाबा अभय सिंह महाकुंभ में अपनी साधु वेशभूषा और IIT बैकग्राउंड के कारण चर्चा में आए थे। उनके विचारों और जीवनशैली ने युवाओं के बीच एक अलग पहचान बनाई। झज्जर में उनके पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और कई लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक नजर आए। यह उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।

IIT बाबा अभय सिंह ने बताया कि वे “श्रीयूनिवर्सिटी” बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस संस्थान में आधुनिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक ज्ञान को भी जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि जीवन में संतुलन के लिए सांसारिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के ज्ञान का होना जरूरी है। फिलहाल वे अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश में रह रहे हैं और इसी मिशन पर काम कर रहे हैं।

 IIT बाबा अभय सिंह की शादी का प्रभाव और आगे की योजना

IIT बाबा अभय सिंह की शादी के बाद उनकी जीवनशैली और विचारों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। जहां एक ओर वे आध्यात्मिक जीवन को बढ़ावा दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई सोच पेश करने की तैयारी में हैं। आने वाले समय में उनका “श्रीयूनिवर्सिटी” प्रोजेक्ट युवाओं को आकर्षित कर सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मॉडल बन सकता है।

IIT बाबा अभय सिंह की शादी और झज्जर आगमन ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक सोच के संतुलन के साथ वे अपने जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। उनका आने वाला समय न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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