Gold Silver Price Today: चांदी में 5000 रुपये का भारी उछाल, सोना 1.53 लाख के पार पहुँचा
नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार पर दिखाई दे रहा है। सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 5,000 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, वहीं सोने की कीमतों में भी 2,300 रुपये की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है।
सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल और कीमतों का नया रिकॉर्ड
सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में मूल्यवान धातुओं की कीमतों ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया। 'ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन' द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत शुक्रवार के बंद स्तर 2,37,000 रुपये से बढ़कर अब 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम (करों सहित) हो गई है। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में भी 1.52 प्रतिशत का उछाल देखा गया। सोना अब पिछले सत्र के 1,51,500 रुपये से बढ़कर 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर जा पहुंचा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद व्यापारियों द्वारा की गई 'वैल्यू बाइंग' ने इन कीमतों को सहारा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक तनाव का असर
घरेलू बाजार की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां मुख्य कारक रही हैं। वैश्विक स्तर पर हाजिर चांदी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 73.37 डॉलर प्रति औंस और सोना 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,682.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान संघर्ष को लेकर दी गई 7 अप्रैल की समयसीमा से पहले युद्धविराम की धुंधली संभावनाओं और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ा दी है। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी आने से भी पीली धातु को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है।
बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक
आगामी दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों द्वारा तय होगी। विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास होने वाली हलचल किसी भी आर्थिक डेटा से अधिक प्रभावी साबित हो सकती है। इसके अलावा, निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के एफओएमसी मिनट्स, यूएस कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर भी टिकी है। यदि अमेरिकी आर्थिक डेटा उम्मीद से अधिक मजबूत आता है, तो सोने की कीमतों में जारी इस तेज बढ़त पर कुछ अंकुश लग सकता है।
निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक बुलियन मार्केट में वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) का दौर जारी रहेगा। सोने और चांदी की कीमतों में आई इस भारी तेजी का असर आगामी शादियों के सीजन पर भी पड़ सकता है, जिससे आभूषणों की मांग में कमी आने की आशंका है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के लिहाज से सोना अभी भी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले समय में सोने की कीमतें नए शिखर की ओर बढ़ सकती हैं, जो मध्यम वर्ग के खरीदारों की जेब पर भारी पड़ेगा।
निष्कर्ष
सर्राफा बाजार में आया यह वर्तमान उछाल वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक कारकों का मिला-जुला परिणाम है। चांदी का 2.42 लाख रुपये और सोने का 1.53 लाख रुपये के पार जाना महंगाई के साथ-साथ सुरक्षित संपत्तियों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। आम खरीदारों और निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समाचारों पर पैनी नजर रखते हुए ही खरीदारी का निर्णय लें। फिलहाल, बाजार की पूरी चाल पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बनी हुई है।

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