डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: NATO को बताया 'कागजी शेर', चीन और जापान को दी नसीहत

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: NATO को बताया 'कागजी शेर', चीन और जापान को दी नसीहत

वाशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बेबाक राय रखते हुए सैन्य गठबंधन नाटो (NATO) की कड़ी आलोचना की है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' की संज्ञा दी और कहा कि यह संगठन संकट के समय सहयोगी देशों के काम नहीं आता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नाटो ने अमेरिका के साथ हमेशा बुरा बर्ताव किया है और भविष्य में भी उनसे किसी सकारात्मक उम्मीद की गुंजाइश कम है। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर एशियाई देशों को घेरा

नाटो पर भड़ास निकालने के साथ ही ट्रंप ने चीन, जापान और दक्षिण कोरिया पर भी निशाना साधा है। राष्ट्रपति ने इन एशियाई देशों से कहा कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसे खुला रखने की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए। ट्रंप का तर्क है कि ये देश खाड़ी क्षेत्र के तेल पर अमेरिका की तुलना में कहीं अधिक निर्भर हैं, इसलिए अपनी सुरक्षा का दायित्व उन्हें स्वयं समझना होगा। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिण कोरिया का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 45,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो एक परमाणु शक्ति के पास सुरक्षा कवच का काम कर रहे हैं। इसी तरह, उन्होंने जापान और चीन को याद दिलाया कि उनकी ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है, अतः उन्हें आगे आना चाहिए।

व्हाइट हाउस ने विवादित वीडियो हटाया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इन टिप्पणियों को लेकर सियासी हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। खास बात यह है कि जिस वीडियो में ट्रंप ने ये बातें कहीं, उसे पहले व्हाइट हाउस की ओर से जारी किया गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे हटा लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर व्हाइट हाउस की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो चुका है, जिसे बिजनेस इनसाइडर के एक पत्रकार ने ऑनलाइन पोस्ट किया था। इस घटना के बाद नाटो की प्रासंगिकता और अमेरिका के साथ एशियाई देशों के संबंधों पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है।

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