सीएम योगी का बयान: पत्रकारिता में संयम और एकरूपता जरूरी, खबरों की भिन्नता से बढ़ता भ्रम

सीएम योगी का बयान: पत्रकारिता में संयम और एकरूपता जरूरी, खबरों की भिन्नता से बढ़ता भ्रम

गोरखपुर, एजेंसी। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पत्रकारिता को लेकर अहम संदेश देते हुए कहा कि खबरों में भिन्नता जनमानस को विचलित करती है और इससे मीडिया पर भरोसा कम होता है। उन्होंने पत्रकारिता में संयम, मूल्यों और एकरूपता बनाए रखने पर जोर दिया।

पत्रकारिता में संयम और समन्वय की जरूरत

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में जब विभिन्न माध्यमों से एक ही खबर अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत की जाती है, तो इससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में संयम और समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि समाज तक सही और स्पष्ट जानकारी पहुंचे। उनका मानना है कि मीडिया का दायित्व सिर्फ सूचना देना ही नहीं, बल्कि जनविश्वास को बनाए रखना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और इसमें मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे सुधार का अवसर समझना चाहिए। पत्रकारिता को समाज का आईना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह जनविश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक है, जिसे बनाए रखना हर पत्रकार की जिम्मेदारी है।

भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास

सीएम योगी ने भारतीय पत्रकारिता के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह परंपरा करीब 200 वर्षों से देश सेवा और समाज सेवा का माध्यम रही है। उन्होंने जुगुल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किए गए पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का उल्लेख किया और कहा कि पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बाल गंगाधर तिलक और महात्मा गांधी जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि पत्रकारिता हमेशा राष्ट्रहित से जुड़ी रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा और आवासीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।

गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि यहां की पत्रकारिता राष्ट्रभक्ति और विकास की भावना को मजबूत करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मीडिया की अहम भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता ही समाज को सही दिशा दे सकती है।

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