सीसीएसयू में चार वर्षीय एकीकृत बीए-बीएड पाठ्यक्रम का आगाज, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का मिलेगा सीधा अवसर

 


सीसीएसयू में चार वर्षीय एकीकृत बीए-बीएड पाठ्यक्रम का आगाज, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का मिलेगा सीधा अवसर

मेरठ, यूपी आज लाइव डेस्क। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026 से एक बड़ी शैक्षिक पहल करते हुए चार वर्षीय एकीकृत बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस क्रांतिकारी बदलाव के साथ ही विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा तय कर दी है। अब विद्यार्थी 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सीधे शिक्षक बनने की राह पर कदम बढ़ा सकेंगे। इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को स्नातक और बीएड की डिग्री प्राप्त करने के लिए अलग-अलग पांच साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे चार साल में ही दोनों पाठ्यक्रमों को एक साथ पूर्ण कर सकेंगे।

चार वर्षों में मिलेगी दोहरी डिग्री और बचेगा कीमती समय

दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. दीपक मौर्य ने जानकारी दी कि नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों का समय बचाने पर विशेष जोर दिया गया है। वर्तमान पारंपरिक प्रणाली में छात्रों को पहले तीन साल का स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रम पूरा करना होता है, जिसके उपरांत दो साल का बीएड करना पड़ता है। लेकिन इस नई एकीकृत व्यवस्था से छात्र अपना एक साल बचा सकेंगे। यह पाठ्यक्रम न केवल छात्रों का समय बचाएगा बल्कि शिक्षक बनने की प्रक्रिया को भी सरल एवं सुगम बनाएगा।

केंद्र के एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम के तहत मिली मंजूरी

यह पहल केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम' के अंतर्गत विश्वविद्यालय में लागू की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मुख्य लक्ष्य भविष्य में चार वर्षीय बीएड को शिक्षक बनने की अनिवार्य न्यूनतम योग्यता के रूप में स्थापित करना है। इन नवीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (National Level Entrance Exam) आयोजित की जाएगी, जिसके आधार पर ही मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा।

परास्नातक स्तर पर भी बढ़ेगा पाठ्यक्रमों का दायरा

सीसीएसयू केवल स्नातक स्तर तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विश्वविद्यालय ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) के माध्यम से बीए पाठ्यक्रम शुरू करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, परास्नातक (Post Graduate) स्तर पर भी विभिन्न विषयों में नए पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, शिक्षा शास्त्र और समाजशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को कम समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें रोजगारपरक करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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