अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों को दी चेतावनी, टिकट का ठेका लेने वाले जिलाध्यक्षों पर होगी सख्त कार्रवाई
अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों को दी चेतावनी, टिकट का ठेका लेने वाले जिलाध्यक्षों पर होगी सख्त कार्रवाई
लखनऊ, एजेंसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। लखनऊ में हुई इस संगठनात्मक बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्षों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी पदाधिकारी किसी को चुनाव का टिकट दिलाने का 'ठेका' न ले। उन्होंने दो-टूक लहजे में कहा कि यदि किसी जिलाध्यक्ष के खिलाफ इस तरह की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
चुनाव लड़ने के इच्छुक अध्यक्षों को इस्तीफे की सलाह
बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने उन पदाधिकारियों को भी नसीहत दी जो खुद चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई जिलाध्यक्ष स्वयं चुनावी मैदान में उतरना चाहता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व को सूचित करना चाहिए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कोई भी पदाधिकारी स्वयं को प्रत्याशी घोषित न करे, बल्कि नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय पर विचार होने तक प्रतीक्षा करे। इस बैठक में सपा महानगर, ग्रामीण के जिलाध्यक्षों सहित विधानसभा अध्यक्षों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
अनुशासन और सार्वजनिक छवि पर सख्त निर्देश
बैठक में शामिल पदाधिकारियों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने अनुशासन को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। अखिलेश यादव ने सख्त हिदायत दी कि कोई भी नेता या कार्यकर्ता सार्वजनिक मंचों पर किसी विधायक, अध्यक्ष या अन्य वरिष्ठ नेता की आलोचना न करें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से दिए गए नकारात्मक बयानों से संगठन की छवि धूमिल होती है। यदि किसी पदाधिकारी को किसी अन्य नेता से कोई शिकायत है, तो उसे साक्ष्यों के साथ लिखित रूप में हाईकमान को भेजना चाहिए, जिस पर आंतरिक जांच कराई जाएगी।
बूथ मजबूती और सोशल मीडिया के प्रति सतर्कता
आगामी चुनावी समर को देखते हुए कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। अखिलेश यादव ने पदाधिकारियों को सचेत किया कि सोशल मीडिया के उपयोग में पूरी सावधानी बरतें और पार्टी की नीतियों के विपरीत कोई भी सामग्री साझा न करें। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु यह रहा कि कोई भी विधानसभा अध्यक्ष या अन्य पदाधिकारी टिकट वितरण को लेकर किसी भी व्यक्ति से कोई झूठा वादा न करें। नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि चुनाव की तैयारियों के दौरान अनुशासन ही पार्टी की सफलता की कुंजी होगी।

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