मेरठ सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद: भारी पुलिस बल तैनात, कल पूरा मेरठ बंद का आह्वान
मेरठ, यूपी आज लाइव प्रतिनिधि। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार को उस समय भारी तनाव फैल गया जब आवास विकास परिषद की टीम सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 44 अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील करने पहुँची। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी के बीच व्यापारियों ने इस **सीलिंग कार्रवाई** का तीखा विरोध किया, जिसके बाद संयुक्त व्यापार संघ ने एकजुट होकर कल यानी गुरुवार को पूरे मेरठ बंद का ऐतिहासिक आह्वान किया है।
सुधा अस्पताल से हुई सीलिंग की शुरुआत और पुलिस से भिड़ंत
प्रशासनिक स्तर पर लंबी तैयारी के बाद बुधवार सुबह जैसे ही आवास विकास परिषद की टीम सेंट्रल मार्केट पहुँची, व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। सीलिंग की कार्रवाई का श्रीगणेश सुधा अस्पताल से किया गया, जिसे देख व्यापारी आक्रोशित हो उठे और पुलिस प्रशासन के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस के साथ दमकल विभाग और पीएसी की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि कार्रवाई की जा रही है, तो उनके द्वारा जमा किए गए लगभग 70 करोड़ रुपये पहले वापस किए जाएं। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर पूरे बाजार क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
बाजार में अफरा-तफरी का माहौल और सामान हटाने की होड़
सीलिंग की आहट मिलते ही पिछले 48 घंटों से शास्त्रीनगर के इस प्रमुख व्यापारिक केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सोमवार शाम से ही दर्जनों दुकानदार ट्रकों में भरकर अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर भेजते नजर आए। कुछ दुकानदारों ने संभावित नुकसान से बचने के लिए स्वयं ही अवैध निर्माणों को हटाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को भी बाजार पूरी तरह बंद रहा और व्यापारियों ने चौराहों पर बैठकर अपनी रणनीति तैयार की। प्रशासन की इस सख्ती ने न केवल दुकानदारों बल्कि ग्राहकों और स्थानीय निवासियों में भी अनिश्चितता का डर पैदा कर दिया है।
अस्पतालों और स्कूलों पर सीलिंग की मार से जनता बेहाल
इस कार्रवाई की सबसे दुखद तस्वीर अस्पतालों और स्कूलों के रूप में सामने आई है। सीलिंग की सूची में 6 प्रमुख अस्पताल और 6 स्कूल शामिल होने के कारण मानवीय संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सोमवार रात से ही अस्पतालों से गंभीर मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट करने का सिलसिला शुरू हुआ और अब तक लगभग 42 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा चुका है। वहीं दूसरी ओर, कई स्कूलों में बुधवार को ताले लटके मिले जिससे बच्चों की शिक्षा बाधित हुई। अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच इस अव्यवस्था को लेकर कई बार झड़पें भी हुईं, क्योंकि अचानक हुए इस बदलाव के लिए लोग तैयार नहीं थे।
गुरुवार को महा-बंद: संयुक्त व्यापार संघ ने दिखाई ताकत
सीलिंग की इस कार्रवाई के विरोध में मेरठ के व्यापारियों ने अब निर्णायक लड़ाई का मन बना लिया है। संयुक्त व्यापार संघ के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों, नवीन गुप्ता और अजय गुप्ता ने आपसी मतभेद भुलाकर व्यापारियों के हित में हाथ मिला लिया है। शहर की लगभग 665 व्यापारिक एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गुरुवार को पूरे मेरठ का कारोबार बंद रहेगा। व्यापारियों का तर्क है कि यह केवल 44 इमारतों को सील करने का विषय नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित होगी।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में चल रही यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। एक तरफ जहाँ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन प्रशासन की मजबूरी है, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों का व्यापक विरोध जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। कल होने वाला मेरठ बंद न केवल प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा लेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि विकास और नियमों के नाम पर हो रही इन कार्रवाइयों का भविष्य क्या होगा। फिलहाल, पूरे जनपद की नजरें गुरुवार को होने वाले प्रदर्शन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।


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