बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी का बड़ा बयान, ‘294 सीटों की उम्मीदवार मानें’, BJP पर धर्म आधारित राजनीति का आरोप
बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी का बड़ा बयान, ‘294 सीटों की उम्मीदवार मानें’, BJP पर धर्म आधारित राजनीति का आरोप
चुनावी रैली में सीएम ने वोटर लिस्ट, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाए, बाहरी वोटरों को लेकर भी जताई चिंता
कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में आयोजित एक जनसभा में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे उन्हें राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों का उम्मीदवार मान सकते हैं।
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि Bharatiya Janata Party धर्म के आधार पर समाज को विभाजित करने की कोशिश कर रही है और राज्य की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति बंगाल की पहचान के खिलाफ है।
महिलाओं और अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर हमला
रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से इन वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि समाज में धार्मिक आधार पर भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है।
वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मतदाता सूची से जुड़े विवाद को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने से उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने Supreme Court of India का रुख किया, जिसके बाद कई नाम दोबारा जोड़े गए। हालांकि, अब भी बड़ी संख्या में लोग सूची से बाहर हैं, जो चिंता का विषय है।
बाहरी वोटरों’ का मुद्दा भी उठा
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य राज्यों से लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान बाहरी लोगों की भागीदारी से मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनौती बन सकती है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
NRC और डिटेंशन कैंप पर साफ रुख
एक अन्य जनसभा में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सरकार सत्ता में है, तब तक राज्य में National Register of Citizens लागू नहीं होगा और न ही किसी प्रकार के डिटेंशन कैंप बनाए जाएंगे। उन्होंने इसे राज्य के लोगों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी
राज्य में चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ममता बनर्जी के इस बयान को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले दिनों में सियासी माहौल को और गरमा सकता है।

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