West Asia War Impact: पश्चिम एशिया युद्ध से GDP को बड़ा झटका, UN रिपोर्ट में 194 अरब डॉलर तक नुकसान का अनुमान

West Asia War Impact: पश्चिम एशिया युद्ध से GDP को बड़ा झटका, UN रिपोर्ट में 194 अरब डॉलर तक नुकसान का अनुमान

न्यूयार्क, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष अब पांचवें सप्ताह में पहुंच चुका है और इसके वैश्विक आर्थिक असर लगातार गहराते जा रहे हैं। ताजा अंतरराष्ट्रीय आकलन के मुताबिक, इस युद्ध का प्रभाव इतना व्यापक है कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को हो रहा नुकसान पिछले वर्ष की आर्थिक वृद्धि से भी अधिक हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र की एक विस्तृत रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि मौजूदा हालात अगर लंबे समय तक बने रहते हैं तो आर्थिक, सामाजिक और विकास से जुड़े कई संकेतक गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

2025 की GDP ग्रोथ से ज्यादा नुकसान की आशंका

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के विश्लेषण के अनुसार, पश्चिम एशिया क्षेत्र की कुल जीडीपी में 3.7 प्रतिशत से लेकर 6 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। आर्थिक नुकसान का आंकड़ा अधिकतम 194 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। यह अनुमान इस लिहाज से चिंताजनक है क्योंकि यह 2025 में दर्ज की गई कुल आर्थिक वृद्धि से भी अधिक हो सकता है।

रोजगार पर गहरा असर, लाखों नौकरियां खतरे में

रिपोर्ट में बताया गया है कि युद्ध के चलते बेरोजगारी दर में लगभग 4 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हो सकती है। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा और करीब 36 लाख नौकरियां समाप्त होने का अनुमान है।

यह आंकड़ा पिछले वर्ष सृजित कुल रोजगार अवसरों से भी अधिक बताया गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

गरीबी बढ़ने का खतरा, 40 लाख लोग हो सकते हैं प्रभावित

आर्थिक गतिविधियों में गिरावट और रोजगार संकट के कारण सामाजिक स्तर पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि करीब 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं। यह स्थिति क्षेत्र में पहले से मौजूद आर्थिक असमानताओं को और गहरा कर सकती है।

मानव विकास सूचकांक में गिरावट की चेतावनी

रिपोर्ट के अनुसार, मानव विकास सूचकांक (HDI) में 0.2 से 0.4 प्रतिशत तक गिरावट संभव है। यह गिरावट लगभग छह महीने से एक वर्ष की विकास प्रगति के नुकसान के बराबर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियां इस संकट को और जटिल बना रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र की सलाह: आर्थिक नीतियों में बदलाव जरूरी

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस स्थिति को एक महत्वपूर्ण चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय देशों को अपनी आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए। विशेष रूप से तेल आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भरता कम करने, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसे संकटों के प्रभाव को कम किया जा सके।

लंबा खिंचा संघर्ष बढ़ाएगा वैश्विक दबाव

विश्लेषण से साफ है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्दी कम नहीं होता है, तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। ऊर्जा बाजार, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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