पश्चिम एशिया संकट: ईरान युद्ध में कूदे हूती लड़ाके, इस्राइल पर दागी मिसाइलें; जंग और भड़कने का खतरा बढ़ा



पश्चिम एशिया संकट: ईरान युद्ध में कूदे हूती लड़ाके, इस्राइल पर दागी मिसाइलें; जंग और भड़कने का खतरा बढ़ा

नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है। युद्ध के पांचवें सप्ताह में प्रवेश करते ही ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी इस जंग में सीधे शामिल होने का एलान कर दिया है। यमन से पहली बार इस्राइल की सीमा के भीतर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। हूती हमलों के साथ ही ईरान ने भी इस्राइल के प्रमुख शहरों तेल अवीव और बीर शेबा को निशाना बनाया है। इस जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी भीषण हमले किए गए हैं, जिसमें कई अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की सूचना है।

हूती विद्रोहियों का हमला और वैश्विक व्यापार पर संकट

यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी इस्राइल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलों की बौछार की है। हूती प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने आधिकारिक बयान जारी कर इन हमलों की पुष्टि की है। हालांकि इस्राइली रक्षा तंत्र ने इन मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है, लेकिन विद्रोहियों की इस सक्रियता ने लाल सागर के व्यापारिक मार्ग पर फिर से खतरे के बादल पैदा कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती विद्रोही वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना शुरू करते हैं, तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

इस्राइल की ईरान पर बड़ी कार्रवाई और परमाणु संयंत्र पर हमला

ईरानी हमलों के जवाब में इस्राइल और अमेरिका ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है। रातभर चली बमबारी में ईरान के तेहरान और जंजन शहर के सैन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुँचाया गया है। सबसे गंभीर स्थिति ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हवाई हमले से उत्पन्न हुई है। हालांकि ईरान का दावा है कि इस हमले से संयंत्र के तकनीकी कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है और कोई हताहत नहीं हुआ है। जंजन शहर में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में भी मिसाइल हमले

युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक भी पहुँच गई है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने दर्जनों ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है। अबू धाबी के औद्योगिक क्षेत्र में गिरे मलबे की वजह से भीषण आग लग गई, जिसमें पांच भारतीयों सहित कुल छह लोग घायल हुए हैं। इसी तरह कुवैत और बहरीन ने भी अपने हवाई क्षेत्रों में ईरानी हमलों की पुष्टि की है। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रडार सिस्टम को इन हमलों से काफी क्षति पहुँची है।

कूटनीतिक प्रयास और ईरान की पड़ोसी देशों को चेतावनी

क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पड़ोसी देश अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका या इस्राइल को ईरान पर हमले के लिए न करने दें। उन्होंने धमकी दी है कि यदि ईरान के आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया, तो इसका अंजाम बेहद गंभीर होगा। इस बीच, युद्ध विराम की संभावनाओं पर चर्चा के लिए पाकिस्तान में एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री शामिल होंगे। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन राजनयिक प्रयासों की सफलता पर संदेह व्यक्त किया है।

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