UP Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू, ₹2585 एमएसपी के साथ 48 घंटे में होगा किसानों का भुगतान


UP Wheat Procurement: उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू

मेरठ, यूपी आज लाइव। उत्तर प्रदेश में सोमवार से रबी विपणन सत्र 2026-27 के अंतर्गत गेहूं की सरकारी खरीद का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष किसानों की सुविधा और पारिश्रमिक को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब तक राज्य के सवा लाख से अधिक किसानों ने अपनी फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करा लिया है, जबकि प्रशासन ने सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में 3574 क्रय केंद्र पहले ही क्रियाशील कर दिए हैं। इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है।

मुख्यमंत्री का निर्देश: 50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य और त्वरित भुगतान

प्रदेश में गेहूं की खरीद प्रक्रिया आगामी 15 जून तक निरंतर जारी रहेगी। खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश भर में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने पूर्व निर्धारित 30 लाख मीट्रिक टन खरीद के लक्ष्य को बढ़ाकर अब 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। इसके साथ ही, किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए फसल खरीद के मात्र 48 घंटों के भीतर डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

किसानों को अतिरिक्त लाभ और बिचौलियों पर लगाम

सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू करते हुए बिचौलियों के हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके लिए समस्त खरीद प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया गया है। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत फसल की उतराई, छनाई और सफाई के मद में किसानों को अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी फसल मंडी तक लाने और उसे साफ सुथरा करने में होने वाले खर्च से राहत मिलेगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी ई-पॉप मशीनों और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से की जा रही है ताकि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।

पंजीकरण प्रक्रिया और सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर

खाद्य एवं रसद विभाग ने उन किसानों से जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील की है जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है। इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट **fcs.up.gov.in** पर जाकर या 'यूपी किसान मित्र' मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना नया पंजीकरण अथवा पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण आसानी से कर सकते हैं। पंजीकरण के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या क्रय केंद्रों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए विभाग ने टोल-फ्री नंबर **18001800150** भी जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज लाने से पहले पोर्टल पर स्लॉट बुक कर लें ताकि उन्हें केंद्रों पर प्रतीक्षा न करनी पड़े।

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