बंगाल चुनाव में बढ़ी कड़वाहट: दिलीप घोष के 'देख लेने' वाले बयान पर मचा बवाल, चुनाव आयोग पहुंची TMC

बंगाल चुनाव में बढ़ी कड़वाहट: दिलीप घोष के 'देख लेने' वाले बयान पर मचा बवाल, चुनाव आयोग पहुंची TMC

कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। नेताओं के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत हमलों और धमकियों तक जा पहुँची है। ताजा विवाद भाजपा के कद्दावर नेता दिलीप घोष के उस कथित बयान को लेकर है, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को 'देख लेने' की चेतावनी दी है। इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

क्या है पूरा विवाद? खड़गपुर रैली से उपजा तनाव

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दिलीप घोष ने खड़गपुर की एक जनसभा में चुनावी ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए टीएमसी ने दावा किया है कि घोष ने खड़गपुर थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज को सीधे तौर पर डराने-धमकाने वाली बातें कहीं। पार्टी ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन करार दिया है।

TMC की मांग: रैलियों पर लगे पाबंदी

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि दिलीप घोष के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का तर्क है कि इस तरह के भड़काऊ भाषण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालते हैं। टीएमसी ने यह भी कहा कि घोष पहले भी मर्यादा लांघते रहे हैं और 16 मार्च को भी उनके खिलाफ इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को 'चुनावी स्टंट' बताते हुए कहा है कि टीएमसी हार के डर से विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।

भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांग

विवाद केवल बयानों तक सीमित नहीं है। टीएमसी ने एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर सुरजीत रॉय को हटाने की मांग की है। आयोग को लिखे पत्र में पार्टी ने दावा किया है कि रॉय के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ पुराने और घनिष्ठ संबंध हैं। टीएमसी का आरोप है कि रॉय जब नंदीग्राम-II ब्लॉक में बीडीओ थे, तब से उनके संबंध अधिकारी परिवार के साथ रहे हैं। बता दें कि भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: महत्वपूर्ण तारीखें और समीकरण

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में दो चरणों में मतदान संपन्न होगा:

पहला चरण: 23 अप्रैल

दूसरा चरण: 29 अप्रैल

मतगणना (नतीजे): 4 मई

जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, चुनाव आयोग के पास शिकायतों का अंबार लगने लगा है। अब देखना यह होगा कि आयोग इन शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है।

टिप्पणियाँ