Small Savings Rates: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अप्रैल-जून तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें स्थिर


Small Savings Rates: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अप्रैल-जून तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें स्थिर

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने पीपीएफ (PPF), एनएससी (NSC) और सुकन्या समृद्धि जैसी लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं में निवेश करने वाले करोड़ों खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, आगामी वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए इन योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया गया है। एक अप्रैल 2025 से शुरू होकर 30 जून 2025 तक चलने वाली इस तिमाही में निवेशकों को पिछली तिमाही के समान ही लाभ मिलता रहेगा। यह लगातार पांचवीं ऐसी तिमाही है जब सरकार ने इन दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।

सुकन्या समृद्धि और पीपीएफ पर मिलता रहेगा पुराना लाभ

वित्त मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बेटियों के भविष्य के लिए निवेश की जाने वाली 'सुकन्या समृद्धि योजना' पर ब्याज दर 8.2 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बरकरार रखी गई है। इसी प्रकार, मध्यम वर्ग की सबसे पसंदीदा निवेश योजना 'पब्लिक प्रोविडेंट फंड' यानी पीपीएफ पर भी निवेशकों को 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता रहेगा। डाकघर की बचत जमा योजनाओं के लिए भी पुरानी दरें ही लागू रहेंगी, जिसके तहत बचत खातों पर 4 प्रतिशत और तीन साल की सावधि जमा (FD) पर 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर सुनिश्चित की गई है। सरकार के इस फैसले से उन निवेशकों को राहत मिली है जो बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच निश्चित रिटर्न की उम्मीद कर रहे थे।

किसान विकास पत्र और एनएससी की निवेश अवधि व ब्याज

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय 'किसान विकास पत्र' (KVP) पर सरकार ने 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर को स्थिर रखा है। इस दर के हिसाब से निवेशकों का पैसा 115 महीनों में परिपक्व होकर दोगुना हो जाएगा। वहीं, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) पर अप्रैल से जून 2025 की अवधि के लिए 7.7 प्रतिशत का ब्याज देय होगा। नियमित आय चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और अन्य निवेशकों के लिए 'मासिक आय योजना' (MIS) के तहत 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर को भी पहले की तरह ही कायम रखा गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निवेश की सुरक्षा और आकर्षक रिटर्न को ध्यान में रखते हुए दरों में स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

लगातार पांचवीं तिमाही में दरों में नहीं हुआ बदलाव

गौरतलब है कि भारत सरकार प्रत्येक तिमाही के अंत में अगली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा और अधिसूचना जारी करती है। आखिरी बार सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही के दौरान कुछ चुनिंदा योजनाओं की दरों में आंशिक संशोधन किया था, जिसके बाद से अब तक पांच तिमाहियों से दरें स्थिर बनी हुई हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मुद्रास्फीति के वर्तमान स्तर और बैंकिंग क्षेत्र की तरलता को देखते हुए सरकार ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी या कटौती न करने का संतुलित रास्ता चुना है। इससे डाकघरों और बैंकों द्वारा संचालित इन योजनाओं की विश्वसनीयता और आकर्षण बना रहेगा।

लघु बचत योजनाएं: ब्याज दरों का तुलनात्मक चार्ट (अप्रैल-जून 2025)

योजना का नाम (Scheme Name)वार्षिक ब्याज दर (%)ब्याज की गणना (Compounding frequency)परिपक्वता अवधि (Maturity Period)
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%वार्षिक (Annual)21 वर्ष या बेटी की शादी तक (जो पहले हो)
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC)7.7%वार्षिक (Annual)5 वर्ष
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%वार्षिक (Annual)115 महीने में पैसा दोगुना
मासिक आय योजना (MIS)7.4%मासिक भुगतान (Monthly Payout)5 वर्ष
सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF)7.1%वार्षिक (Annual)15 वर्ष
पोस्टल टाइम डिपॉजिट (3 वर्ष)7.1%वार्षिक (Annual)3 वर्ष
डाकघर बचत जमा (SB Account)4.0%वार्षिक (Annual)चालू (On-demand withdrawal)

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