Petrol Diesel Excise Duty Cut: सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पर एक्साइज 3 रुपये, डीजल पर शून्य
ऊर्जा संकट के बीच राहत भरा कदम, तेल कंपनियों को मिलेगा सहारा, कीमतों पर पड़ेगा असर
नई दिल्ली, एजेंसी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया गया है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
10 रुपये प्रति लीटर तक घटाया गया टैक्स
सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर करीब 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कमी की है। पहले पेट्रोल पर 13 रुपये प्रति लीटर टैक्स था, जो अब घटकर 3 रुपये रह गया है। वहीं डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी को खत्म कर दिया गया है।
तेल कंपनियों को मिलेगा राहत पैकेज
इस फैसले का उद्देश्य देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को राहत देना है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में थीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतें
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के समय में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि देखी गई है। कुछ समय पहले यह कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई और यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है।
कंपनियों के घाटे में आएगी कमी
रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, यदि कच्चे तेल की कीमत 100 से 105 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहती है, तो तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में टैक्स में कटौती से कंपनियों के घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।
सप्लाई पर असर और आयात निर्भरता
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
निजी कंपनियों की अलग रणनीति
देश की निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालते हुए अपने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त कंपनी जियो-बीपी ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है।
क्या होता है एक्साइज ड्यूटी
पेट्रोल और डीजल पर लगाया जाने वाला एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार का एक अप्रत्यक्ष कर होता है। इसका उपयोग देश के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे, रक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है।
उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर दबाव कम हो सकता है और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है, हालांकि इसका सीधा असर बाजार स्थितियों पर भी निर्भर करेगा।

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