North Korea Missile Test: ट्रंप की बढ़ी टेंशन, उत्तर कोरिया ने अमेरिका तक मार करने वाले शक्तिशाली मिसाइल इंजन का किया परीक्षण


North Korea Missile Test: ट्रंप की बढ़ी टेंशन, उत्तर कोरिया ने अमेरिका तक मार करने वाले शक्तिशाली मिसाइल इंजन का किया परीक्षण

सियोल, एजेंसी। उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच चल रहा भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक नए और अत्यंत शक्तिशाली मिसाइल इंजन के सफल परीक्षण का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया है। उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने रविवार को इस महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि की जानकारी साझा की। बताया गया है कि यह नया इंजन एक उन्नत, हाई-थ्रस्ट और सॉलिड-फ्यूल (ठोस ईंधन) तकनीक पर आधारित है, जिसकी मारक क्षमता और शक्ति पहले के संस्करणों के मुकाबले कहीं अधिक है। किम जोंग उन ने इस परीक्षण को देश की सैन्य शक्ति और रणनीतिक संप्रभुता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया है। इस इंजन का प्राथमिक उद्देश्य ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित करना है, जो सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सीमाओं को भेदने में सक्षम हों।

सरकारी समाचार एजेंसी 'कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' (KCNA) के दावों के अनुसार, इस नए इंजन का निर्माण उच्च गुणवत्ता वाले कार्बन फाइबर से किया गया है। परीक्षण के दौरान इस इंजन की अधिकतम थ्रस्ट क्षमता 2,500 किलोटन मापी गई है, जो पिछले साल सितंबर में हुए परीक्षण (1,970 किलोटन) की तुलना में काफी अधिक है। यह परीक्षण उत्तर कोरिया के पांच साल के महत्वाकांक्षी हथियार विकास कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका अंतिम लक्ष्य परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों को और अधिक मारक और आधुनिक बनाना है। किम जोंग उन के मुताबिक, इस सफल परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया की रणनीतिक ताकत अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, हालांकि सुरक्षा कारणों से इस परीक्षण के सटीक समय और स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों की राय और तकनीकी संदेह

उत्तर कोरिया के इन दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि प्योंगयांग अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकता है। दक्षिण कोरियाई शोधकर्ता ली चुन ग्यून ने इस परीक्षण पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया ने इंजन के जलने की कुल अवधि जैसी तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने पूर्व में संकेत दिए थे कि वह जल्द ही इस शक्तिशाली इंजन से लैस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का प्रक्षेपण करेगा, लेकिन अभी तक ऐसा कोई बड़ा परीक्षण देखने को नहीं मिला है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम में कुछ तकनीकी अड़चनें आ रही हैं।

अमेरिकी रक्षा तंत्र के लिए बढ़ती चुनौतियां

रक्षा विशेषज्ञों का एक वर्ग यह भी मान रहा है कि उत्तर कोरिया को रूस से गुप्त तकनीकी सहायता मिल रही है। हाल के दिनों में रूस और उत्तर कोरिया के संबंधों में आई नजदीकी ने वाशिंगटन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरिया द्वारा रूस को सैन्य मदद और हथियार भेजने के बदले में उसे उन्नत मिसाइल तकनीक मिलने की संभावना जताई जा रही है। ठोस ईंधन वाले इंजनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनसे लैस मिसाइलों को पनडुब्बियों या मोबाइल ट्रकों से बेहद कम समय में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे अमेरिकी रक्षा प्रणालियों के लिए इन्हें ट्रैक करना और समय रहते रोकना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।

परमाणु निशस्त्रीकरण की राह में अड़चन

साल 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई वार्ता के विफल होने के बाद से किम जोंग उन ने अपने परमाणु भंडार को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि उत्तर कोरिया ने भविष्य में बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं, लेकिन उसने परमाणु निशस्त्रीकरण की किसी भी पूर्व शर्त को मानने से साफ इनकार कर दिया है। प्योंगयांग का स्पष्ट मानना है कि उसकी परमाणु शक्ति ही अमेरिका के संभावित हमलों के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। फिलहाल, इस नए मिसाइल इंजन परीक्षण ने वैश्विक स्तर पर हथियारों की होड़ और सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

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