NHAI FASTag Annual Pass: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम, जानें अब कितने में बनेगा 3000 वाला टोल पास
यूपी आज लाइव डेस्क। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राजमार्गों पर सफर को सुगम बनाने के लिए वार्षिक फास्टैग टोल पास (Annual FASTag Toll Pass) योजना शुरू की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है जो अक्सर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं। लेकिन नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2026 से इस पास की कीमतों में संशोधन होने जा रहा है।
1 अप्रैल 2026 से कितना महंगा होगा वार्षिक पास?
अभी तक इस योजना के तहत आपको 3000 रुपये के रिचार्ज पर साल भर के लिए 200 फ्री ट्रिप मिलते थे। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से इसकी कीमतों में 75 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
पुराना शुल्क: 3000 रुपये
नया शुल्क (1 अप्रैल से प्रभावी): 3075 रुपये
कुल बढ़ोतरी: 75 रुपये
इसका सीधा मतलब है कि अब आपको 200 ट्रिप का लाभ उठाने के लिए 3075 रुपये का भुगतान करना होगा।
वार्षिक फास्टैग टोल पास योजना क्या है? (What is Annual Toll Pass)
इस योजना की घोषणा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा की गई थी, जिसे 15 अगस्त 2025 से लागू किया गया है। इस 'एनुअल पास' के जरिए निजी वाहन मालिकों को एक निश्चित राशि में साल भर के लिए 200 ट्रिप की सुविधा दी जाती है। यह सुविधा एनएचएआई के अधीन आने वाले सभी टोल प्लाजा और नेशनल एक्सप्रेसवे पर मान्य है।
इस टोल पास के मुख्य लाभ (Benefits of Annual Pass)
बार-बार रिचार्ज से मुक्ति: आपको हर सफर से पहले बैलेंस चेक करने की जरूरत नहीं होगी।
किफायती सफर: यदि आप महीने में कई बार लंबे सफर पर जाते हैं, तो यह पास सामान्य टोल दरों के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है।
समय की बचत: टोल प्लाजा पर बैलेंस कटने की प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
मौजूदा फास्टैग पर मान्य: आपको इसके लिए कोई नया फास्टैग खरीदने की जरूरत नहीं है; पुराने एक्टिव फास्टैग में ही यह टॉप-अप हो जाता है।
नियम और शर्तें (Validity and Rules)
वैधता: यह पास पूरे 1 साल के लिए वैध होता है।
ट्रिप सीमा: इसमें अधिकतम 200 ट्रिप मिलते हैं। यदि साल खत्म होने से पहले 200 ट्रिप पूरे हो जाते हैं, तो आपको दोबारा रिचार्ज करना होगा।
लैप्स नियम: यदि साल पूरा हो गया और आपके ट्रिप बचे हुए हैं, तो भी पास की वैधता खत्म हो जाएगी और बचे हुए ट्रिप अगले साल नहीं जुड़ेंगे।
सिर्फ निजी वाहन: यह सुविधा फिलहाल केवल प्राइवेट (Non-Commercial) गाड़ियों के लिए है। कमर्शियल वाहनों को अभी इसका लाभ नहीं मिलेगा।
कहां चलेगा और कहां नहीं? (Coverage)
कहां मान्य है: देश भर के 1000 से ज्यादा NHAI टोल बूथ और नेशनल एक्सप्रेसवे (जैसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल आदि) पर।
कहां मान्य नहीं है: राज्य सरकारों (State Highways) या निजी कंपनियों द्वारा संचालित टोल बूथ पर यह पास काम नहीं करेगा। वहां आपको सामान्य फास्टैग बैलेंस से भुगतान करना होगा।
वार्षिक टोल पास कैसे बनवाएं? (How to Apply)
नया पास बनवाना या पुराने को अपडेट करना बेहद सरल है:
राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmargyatra App): इस ऐप पर जाकर आप अपने फास्टैग आईडी के जरिए एनुअल पास का विकल्प चुन सकते हैं।
NHAI वेबसाइट: आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी लिंक एक्टिव होने पर रिचार्ज किया जा सकता है।
ध्यान दें: यह पास फिलहाल यूपीआई (UPI) एप्स जैसे फोनपे या गूगल पे से सीधे रिचार्ज नहीं होगा। इसके लिए आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करना होगा।
एक ट्रिप की गणना कैसे होगी?
Open Tolling: एक बार टोल गेट पार करने पर एक ट्रिप कटेगी। वापसी पर दूसरी ट्रिप मानी जाएगी।
Closed Tolling (Expressway): एक्सप्रेसवे पर एंट्री और एग्जिट को मिलाकर एक ही ट्रिप गिना जाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
NHAI का यह कदम नियमित यात्रियों के लिए पैसे और समय दोनों की बचत करने वाला है। हालांकि 1 अप्रैल से 75 रुपये की मामूली बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन मिलने वाली सुविधाओं के मुकाबले यह अभी भी एक फायदे का सौदा है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी पर आधारित है। टोल दरों, नियमों और सरकारी योजनाओं में बदलाव समय-समय पर हो सकते हैं। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए हमेशा एनएचएआई (NHAI) की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

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