मेरठ पुलिस का कड़ा एक्शन: AIMIM प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली को नोटिस, भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तारी के बाद 3 को मिली जमानत

मेरठ पुलिस का कड़ा एक्शन: AIMIM प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली को नोटिस, भड़काऊ भाषण मामले में गिरफ्तारी के बाद 3 को मिली जमानत

मेरठ, संवाद सूत्र। मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान देने के मामले में पुलिस अब सख्त नजर आ रही है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मेरठ पुलिस उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है।

क्या है पूरा मामला? (AIMIM Leader Controversial Speech)

हाल ही में मेरठ के हापुड़ रोड स्थित एक फार्म हाउस में 'ईद मिलन' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि इस कार्यक्रम में हाजी शौकत अली ने बेहद भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में उन्हें यह कहते सुना गया कि यदि उत्तर प्रदेश में किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ, तो वह एनकाउंटर करने वाले का भी एनकाउंटर करवा देंगे।

इस बयान के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा (FIR Details)

लोहियानगर थाने के उपनिरीक्षक शीलेंद्र सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में निम्नलिखित धाराएं शामिल हैं:

  • BNS की धारा 196: धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।

  • धारा 353(3): सार्वजनिक शरारत से संबंधित बयान।

  • धारा 3(5): सामूहिक रूप से अपराध करना।

मुकदमे में हाजी शौकत अली के अलावा जिलाध्यक्ष फहीम रजा, ओवेश आलम, महताब चौहान और इमरान अंसारी समेत कई अन्य नामजद और अज्ञात लोग शामिल हैं।

तीन आरोपियों को मिली जमानत

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात तीन नामजद पदाधिकारियों—महताब चौहान (पश्चिमी यूपी अध्यक्ष), इमरान अंसारी (महानगर अध्यक्ष) और रजी सिद्दीकी (महानगर सचिव) को गिरफ्तार किया था। हालांकि, शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई होने के कारण बुधवार को एसडीएम कोर्ट ने तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया।

पुलिस की अगली रणनीति: नोटिस और वीडियो फुटेज

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के मुताबिक, पुलिस अब साक्ष्य जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है:

  1. नोटिस जारी करना: हाजी शौकत अली को नोटिस देकर मेरठ बुलाया जाएगा। यदि वे सहयोग नहीं करते हैं, तो कोर्ट के माध्यम से वारंट जारी कराया जाएगा।

  2. वीडियो की जांच: कार्यक्रम के वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया पर मौजूद क्लिप्स के जरिए भीड़ में शामिल अन्य अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है।

  3. पुरानी कुंडली: पुलिस शौकत अली के खिलाफ पूर्व में दर्ज अन्य आपराधिक मामलों का विवरण भी खंगाल रही है।

मेरठ पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी नजरें हाजी शौकत अली की पेशी पर टिकी हैं।

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