Meerut Police Success: मेरठ में 15 करोड़ के मोबाइल टावर उपकरण बरामद, चीन तक जुड़े चोरी के तार


मेरठ, यूपी आज लाइव। जनपद की स्वॉट टीम और लोहियानगर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मोबाइल टावर से बेस बैंड यूनिट (BBU) चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जाकिर कॉलोनी निवासी मुख्य आरोपी शाहरुख मलिक को गिरफ्तार कर उसके पास से पंजाब और मुरादाबाद से चोरी किए गए 74 बीबीयू सहित कुल 237 उपकरण बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 15 करोड़ 40 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस मामले में देशविरोधी गतिविधियों और विदेशी कनेक्शन की गहनता से जांच कर रही है।

जीपीएस तकनीक से पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

एसएसपी अविनाश पांडेय ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह गिरोह लंबे समय से एयरटेल और जियो जैसे प्रमुख नेटवर्क ऑपरेटरों को करोड़ों रुपये की चपत लगा रहा था। पंजाब में इस गिरोह के खिलाफ 72 और मुरादाबाद में 2 मुकदमे दर्ज हैं। चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए एयरटेल की तकनीकी टीम ने उपकरणों में जीपीएस डिवाइस लगाई थी। इसी जीपीएस लोकेशन का पीछा करते हुए टीम लोहिया नगर तक पहुंची, जिसके बाद स्वॉट टीम ने घेराबंदी कर आरोपी शाहरुख को उसके घर से दबोच लिया। हालांकि, उसके चार अन्य साथी जो मुजफ्फरनगर और बागपत के रहने वाले हैं, फिलहाल फरार हैं।

विदेशों में खपाए जाते थे कीमती मदरबोर्ड

पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि चोरी किए गए इन कीमती उपकरणों को चीन समेत कई अन्य देशों में बेचा जाता था। पुलिस को संदेह है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में भी हो सकता है, जिसकी जांच के लिए विशेष तकनीकी टीम को लगाया गया है। बरामद सामान में जियो के 2 और एयरटेल के 235 बीबीयू के साथ-साथ 156 कॉपर कार्ड भी शामिल हैं। एक बीबीयू की कीमत बाजार में साढे तीन से चार लाख रुपये के बीच होती है।

नेटवर्क ठप कर देता है बीबीयू का निकलना

विशेषज्ञों के अनुसार, बीबीयू (Base Band Unit) मोबाइल टावर का एक महत्वपूर्ण 'मदरबोर्ड' होता है। जैसे ही इसे टावर से निकाला जाता है, संबंधित क्षेत्र का मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो जाता है, जिससे न तो कॉल की जा सकती है और न ही संदेश भेजे जा सकते हैं। मुकदमे के वादी प्रवेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि चोरी होते ही कंपनी के कार्यालय में अलार्म तो बजता था, लेकिन जब तक टीम मौके पर पहुंचती, शातिर चोर उपकरण लेकर फरार हो जाते थे।

60 से अधिक मुकदमों का हुआ खुलासा

एसएसपी ने जानकारी दी कि अब तक इस गिरोह से जुड़े 60 मुकदमों का मिलान हो चुका है। पंजाब और मुरादाबाद पुलिस से संपर्क साधा गया है ताकि अन्य फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके। मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई से टेलिकॉम कंपनियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह गिरोह अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों की चोरी को अंजाम दे चुका था।

टिप्पणियाँ