Meerut LPG Crisis: मेरठ में घरेलू गैस का गहराया संकट, एजेंसियों पर भारी भीड़ और हंगामे ने खोली प्रशासन के दावों की पोल

Meerut LPG Crisis: मेरठ में घरेलू गैस का गहराया संकट, एजेंसियों पर भारी भीड़ और हंगामे ने खोली प्रशासन के दावों की पोल

मेरठ, यूपी आज लाइव। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में घरेलू एलपीजी गैस की किल्लत ने आम जनता की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। गैस एजेंसियों पर लग रही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें जिला प्रशासन के उन दावों को चुनौती दे रही हैं, जिनमें जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही जा रही है। उपलब्धता के सरकारी आश्वासनों के बावजूद एजेंसियों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। विशेषकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों पर हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। शनिवार को सूरजकुंड स्थित सविता गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ।

जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह लगातार मेरठ में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहे हैं। जिलाधिकारी की ओर से व्यावसायिक (कॉमर्शियल) गैस के वितरण का 20 प्रतिशत कोटा भी तय किया जा चुका है, ताकि घरेलू आपूर्ति बाधित न हो। इसके बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। हापुड़ अड्डा स्थित तिरंगा गैस एजेंसी और हापुड़ रोड स्थित रमन गैस एजेंसी पर शनिवार को भी उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी गई। एजेंसी संचालकों को उम्मीद थी कि ईद के त्योहार के बाद भीड़ में कमी आएगी, लेकिन आपूर्ति और वितरण की अव्यवस्था ने संकट को और बढ़ा दिया है।

घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी और पूर्ति विभाग की कार्रवाई

गैस एजेंसी संचालक अपने स्तर पर किसी भी प्रकार की कालाबाजारी से इनकार कर रहे हैं, लेकिन पूर्ति विभाग की हालिया जांच ने कुछ और ही सच्चाई बयां की है। विभाग की जांच के बाद अब तक तीन गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि एजेंसी के हॉकरों पर ही सिलिंडर की कालाबाजारी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। पूर्ति विभाग ने हापुड़ रोड पर स्थित तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 11 घरेलू गैस सिलिंडर जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बावजूद शहर के मुख्य मार्गों और गलियों में चाट-पकौड़ी के ठेलों व छोटे रेस्टोरेंट्स में धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडरों का अवैध उपयोग जारी है, जो सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं के हक पर डाका है।

बुकिंग प्रणाली में गड़बड़ी और उपभोक्ताओं की शिकायतें

गैस संकट के बीच ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने महीनों से सिलिंडर बुक नहीं कराया, फिर भी उनके मोबाइल पर बुकिंग सफल होने के मैसेज पहुंच रहे हैं। मवाना खुर्द निवासी माया त्यागी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने गैस एजेंसी पर खुद ही बुकिंग कर सिलिंडर खुर्द-बुर्द करने के आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच अब जिला पूर्ति अधिकारी के पास पहुंच गई है। दूसरी ओर, एजेंसी संचालकों का तर्क है कि 25 दिन के अनिवार्य अंतराल के नियम के बावजूद लोग समय से पहले सिलिंडर लेने पहुंच रहे हैं, जिससे रिकॉर्ड मिलान के दौरान कर्मचारियों और जनता के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो रही है।

जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और वितरण व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्ति विभाग के कार्यालय में बने कंट्रोल रूम में उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या वितरण में अनियमितता की पुख्ता शिकायत मिलती है, तो संबंधित एजेंसी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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